Magh purnima 2026 shahi snan in Chattisgarh : माघ पूर्णिमा पर "छत्तीसगढ़ के प्रयाग" में शाही स्नान के साथ शुरू होगा मेला, यहाँ भी होंगे स्नान और मेले

Magh purnima 2026 : 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा है. इस दिन माघ माह का अंतिम शाही स्नान किया जाता है. छत्तीसगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर कई स्थानों पर शाही स्नान किया जाता है. हमारी माटी में माघ पूर्णिमा स्नान या (माघी पुन्नी स्नान) का बहुत महत्व है. छत्तीसगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर राजिम, शिवरीनारायण, रायपुर के महादेव घाट, धमतरी रुद्री महानदी तट, सिहावा कर्णेश्वर धाम और देवपुर डोंगापथरा में माघ माघ पूर्णिमा पर शाही स्नान के साथ साथ प्रमुख मेला भी लगता है।
वर्ष भर में पड़ने वाली बारह पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. यह दिन भगवान विष्णु और माता महालक्ष्मी को समर्पित माना जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पूजा का विशेष महत्व होता है. छत्तीसगढ़ में माघ पूर्णिमा (माघी पुन्नी) का स्नान बहुत पवित्र माना जाता है, जो मुख्य रूप से राजिम के त्रिवेणी संगम (महानदी, पैरी, सोंढूर) में शाही स्नान से शुरू होता है।
माघ पूर्णिमा स्नान और मेले के मुख्य स्थल
राजिम (गरियाबंद)
यहाँ त्रिवेणी संगम पर माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाले 15 दिवसीय मेले की शुरुआत शाही स्नान से होती है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित राजिम को ‘छत्तीसगढ़ का प्रयाग’ कहा जाता है. यहां कुलेश्वर महादेव और राजीवलोचन मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं.
शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा)
चित्रोत्पला गंगा (महानदी) त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं। जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में माघ पूर्णिमा से 15 दिवसीय विशाल मेले का आयोजन होता है. यह मेला छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और प्राचीन माना जाता है. श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हैं.
महादेव घाट (रायपुर)
रायपुर के महादेव घाट (खारुन नदी तट) पर माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष भव्य 'पुन्नी मेला' लगता है। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदी में डुबकी लगाते हैं, हटकेश्वर महादेव की पूजा करते हैं, और दीपदान करते हैं।
रुद्रेश्वर महादेव घाट (धमतरी)
रुद्री महानदी तट पर भक्त स्नान और पूजा करते हैं। धमतरी जिले के रुद्री में महानदी तट पर स्थित रुद्रेश्वर महादेव घाट पर माघ पूर्णिमा के दिन मेला लगता है. श्रद्धालु यहां स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.
सिहावा (कर्णेश्वर धाम) और देवपुर (डोंगापथरा)
यहाँ भी माघ पूर्णिमा पर प्रमुख मेला भरता है। धमतरी जिले के सिहावा स्थित कर्णेश्वर धाम में भी माघ पूर्णिमा के अवसर पर मेला आयोजित होता है, जहां भक्तजन स्नान और पूजा के लिए एकत्रित होते हैं. वहीँ धमतरी जिले के देवपुर क्षेत्र के डोंगापथरा नामक स्थान पर माघ पूर्णिमा के दिन मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.
माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि माघ महीने में सूर्योदय से पूर्व स्नान से पाप धुल जाते हैं।
राजिम में यह आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है, जहां साधु-संत भी शाही स्नान में शामिल होते हैं।
स्नान की अवधि (2026)
- माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
- ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे) में स्नान करना सर्वोत्तम माना गया है।
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