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Maa Mankeshwari Devi: CG में अनूठी परंपरा: एक-एक कर बैगा ने चढ़ाई 40 बकरों की बलि, फिर पी गया खून

40 Bakaro Ki Bali: रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के करमागढ़ में विराजी मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में शरद पूर्णिमा के दिन बलि पूजा की रस्म निभाई गई। जहां ग्रामीणों ने पूजा अर्चना कर 40 बकरों की बलि दी। वहीं बैगा ने बलि दिए बकरों का रक्तपान किया। तो चलिए जानते हैं क्यों दी जाती हैं बकरों की बलि और कब से चली आ रही है प्रथा?

Maa Mankeshwari Devi: CG में अनूठी परंपरा:  एक-एक कर बैगा ने चढ़ाई 40 बकरों की बलि, फिर पी गया खून
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Maa Mankeshwari Devi

By Chitrsen Sahu

40 Bakaro Ki Bali: रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के करमागढ़ में विराजी मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में शरद पूर्णिमा के दिन बलि पूजा की रस्म निभाई गई। जहां ग्रामीणों ने पूजा अर्चना कर 40 बकरों की बलि दी। वहीं बैगा ने बलि दिए बकरों का रक्तपान किया। तो चलिए जानते हैं क्यों दी जाती हैं बकरों की बलि और कब से चली आ रही है प्रथा?

बैगा ने किया बलि दिए बकरों का रक्तपान

बता दें कि मां मानकेश्वरी देवी रायगढ़ राजघराने की कुलदेवी है, जो कि रायगढ़ जिले के करमागढ़ में विराजमान है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर यहां बलि पूजा की रस्म निभाई जाती है। ग्रामीण अपनी मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में बकरा लेकर आते हैं और बलि देते हैं। वहीं बैगा बलि दिए बकरों का रक्तपान करता है। इस बार 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर बलि पूजा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने मां मानकेश्वरी देवी की पूजा अर्चना करके 40 बकरों की बलि दी। इसके बाद बैगा ने बलि दिए गए बकरों का रक्तपान किया।

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाते हैं बकरा और नारियल

जानकारी के अनुसार, जिस किसी भक्त की मनोकामना पूरी होती है, वो शरद पूर्णिमा के अवसर पर मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में बकरा और नारियल लाकर चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं की माने तो पहले यहां पर 150 से लेकर 200 बकरों की बलि दी जाती थी। कोरोना काल के बाद से इसकी संख्या 100 हो गई। वहीं अब इसकी संख्या घटकर 40 हो गई है।

बैगा के शरीर पर आती है मां मानकेश्वरी देवी

श्रद्धालुओं का कहना है कि मां मानकेश्वरी देवी मंदिर में बलि देने की यह प्रथा 500 साल से चली आ रही है। बकरों का खून पीने से बैगा को कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता। बताया जाता है बैगा के शरीर पर मां मानकेश्वरी देवी आती है और वह बकरों के बलि के बाद खून को पीती है। बलि पूजा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया जाता है।

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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