KVS Employees: केवीएस कर्मचारियों के कामबंद हड़ताल का तीसरा दिन, आंदोलन रोकने प्रशासनिक भवन में तालाबंदी, कर्मचारियों को गेट के बाहर बैठना पड़ा...
KVS Employees: छत्तीसगढ़ में केवीएस कर्मचारी अपनी मांगोें को लेकर हड़ताल पर है। आज प्रदर्शन का तीसरा दिन रहा। इस दौरान उनके आंदोलन को देखते हुये उन्हें रोकने के लिए प्रशासनिक भवन में तालाबंदी की गई, जिसकी वजह से उन्हें गेट के बाहर बैठना पड़ा।

KVS Employees: रायपुर। छत्तीसगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र सर्व कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर पांच दिवसीय कामबंद हड़ताल बुलाई गई है। हड़ताल का आज तीसरा दिन था। इस दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकरने के लिए प्रशासनिक भवन में तालाबंदी की गई, जिसकी वजह से कर्मचारियों को गेट के बाहर बैठने पर मजबूर होना पड़ा।
आज पाँच दिवसीय कामबंद हड़ताल सह धरना-प्रदर्शन के तीसरे दिन का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। यह आंदोलन कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण वेतन, वैधानिक भत्ते व सेवा-लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर जारी है।
संघ ने बताया कि आज शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से जारी आंदोलन को बाधित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पुलिस दल-बल की उपस्थिति में प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर ताला बंदी कर दी गई। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के कारण संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यों को मुख्य गेट के बाहर ही धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
तेज धूप और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक एवं अनुशासित ढंग से अपना धरना जारी रखा। संघ के सदस्यों ने कहा कि यह कार्रवाई उनके लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों के दमन का प्रयास है।
संघ के प्रतिनिधियों ने पुनः स्पष्ट किया कि KVK के अधिकारी व कर्मचारी विश्वविद्यालय की ही होस्ट संस्था के अंतर्गत कार्यरत हैं तथा उनके वेतन एवं सेवा-संबंधी दायित्व विश्वविद्यालय प्रशासन के अधीन आते हैं। विगत 18 माह से पूर्ण वेतन व वैधानिक भत्तों के अभाव में कर्मचारी आर्थिक एवं मानसिक संकट से गुजर रहा है।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने कहा कि वे पहले ही लंबे समय से आर्थिक असुरक्षा झेल रहे हैं। परिवार एवं बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। मानसिक तनाव निरंतर बढ़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन संवाद स्थापित करने के बजाय दमनात्मक कदम उठा रहा है।
संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पुनः मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए लिखित व समयबद्ध समाधान प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए संघ बाध्य होगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संघ ने दोहराया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं कर्मचारी अधिकारों की रक्षा हेतु है तथा वे अंत तक अपने न्यायोचित अधिकारों के लिए संघर्षरत रहेंगे।
