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Kawardha BEO Office Scam: BEO ऑफिस में घोटाला: ऑडिट में 218 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा

BEO Office Me Ghotala: कबीरधाम: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गड़बड़-घोटाला सामने आया है। कवर्धा (BEO) कार्यालय के जिला कोषालय (ट्रेजरी) से 4 साल के अंदर 218 करोड़ निकाल लिए गए हैं, जिसका हिसाब-किताब गायब है।

Kawardha BEO Office Scam: BEO ऑफिस में घोटाला: ऑडिट में 218 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा
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By Chitrsen Sahu

BEO Office Me Ghotala: कबीरधाम: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक ऐसा गड़बड़-घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में लाकर खड़े कर दिया है। कवर्धा (BEO) कार्यालय के जिला कोषालय (ट्रेजरी) से 4 साल के अंदर 218 करोड़ निकाल लिए गए हैं, जिनका हिसाब नहीं मिल रहा। इस मामले में तत्कालीन BEO से जवाब मांगा गया है और जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

4 साल के अंदर निकाले 218 करोड़ रुपए

दरअसल, यह पूरा मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय कवर्धा का है। यहां के जिला कोषालय (ट्रेजरी) से 4 साल के अंदर 2 अरब 18 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रुपए निकाल लिए गए हैं, जिनका कोई भी हिसाब-किताब नहीं है। यह मामला तब सामने आया, जब ऑडिट टीम ने (BEO) कार्यालय कवर्धा का लेखा परीक्षण किया। ऐसे में अब इस मामले में तत्कालीन BEO से जवाब मांगा गया है।

5 सदस्यीय ऑडिट टीम की जांच में हुआ खुलासा

जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा अधिकारी एफआर वर्मा के निर्देश पर 5 सदस्यीय ऑडिट टीम ने 24 और 25 नवंबर 2025 को (BEO) कार्यालय कवर्धा का लेखा परीक्षण किया। जांच के दौरान जो खुलासे हुए वो चौंकाने वाले थे। ऑडिट टीम को यहां कैश बुक, बिल रजिस्टर, भुगतान वाउचर, BTR और जरूरी दस्तावेज गायब मिले। वहीं जब टीम ने ई कोष ट्रेजरी सॉफ्टवेयर के आधार पर स्टेटमेंट निकाला , तो अरबों रुपए निकालने का खुलासा हो गया।

कब से कब तक कितने रुपए निकाले गए

अक्टूबर 2022 से मार्च 2023: 27 करोड़ 76 लाख 1 हजार 786 रुपए।

अप्रैल 2023 से मार्च 2024: 67 करोड़ 29 लाख 22 हजार 645 रुपए।

अप्रैल 2024 से मार्च 2025: 73 करोड़ 37 लाख 41 हजार 69 रुपए।

अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025: 49 करोड़ 62 लाख 1 हजार 844 रुपए।

तत्कालीन BEO से मांगा गया स्पष्टीकरण

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एफआर वर्मा का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिली है। तत्कालीन BEO संजय जायसवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कैश बुक पूरी करने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया गया है।

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