Begin typing your search above and press return to search.

IPS Amit Kumar: छत्तीसगढ़ के IPS अमित कुमार भारत सरकार में ADG हुए इम्पैनल, जानिये क्या वे दिल्ली जाएंगे?

IPS Amit Kumar: छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस और खुफिया चीफ अमित कुमार के लिए गुड न्यूज है। अमित भारत सरकार में ADG इम्पैनल हो गए हैं।

IPS Amit Kumar
X

इमेज- AI जनरेटेड 

By Neha Yadav

रायपुर। 12 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ अमित कुमार केंद्र में ADG इम्पैनल हुए हैं। केंद्र सरकार द्वारा आज 1998 बैच के 30 आईपीएस अफसरों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में इम्पैनल किया गया, उनमें छत्तीसगढ़ से आईपीएस अमित कुमार का नाम भी शामिल हैं।

अमित कुमार 1998 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। यूपीएससी क्लियर करने के बाद उन्हें आईपीएस मिला। अमित का बचपन से सपना था पुलिस अधिकारी बनने का, लिहाजा पहले प्रयास में उनका आईपीएस में हुआ और उन्होंने जॉइन कर लिया।

केंद्र में इम्पैनल का मतलब क्या होता है?

भारत सरकार में इम्पैनल का मतलब यह होता है कि संबंधित अफसर कभी प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में गए तो जिस रैंक में इम्पेनल हुआ है, उस पद पर पोस्टिंग मिलेगी। मसलन, अमित कुमार केंद्र में जाएंगे तो ADG की पोस्टिंग मिलेगी। हालांकि, छत्तीसगढ़ में भी वे ADG हैं। दरअसल, राज्यो में प्रमोशन दो-तीन साल पहले प्रमोशन मिल जाता है।

क्या अमित पहले भी डेपुटेशन पर रहे हैं?

आईपीएस अमित कुमार सीबीआई में लगातार 12 साल डेपुटेशन पर रहे हैं। सीबीआई में वे जॉइंट डायरेक्टर पॉलिसी रह चुके हैं। 2024 में वे 12 साल बाद दिल्ली से रायपुर लौटे। सरकार ने उनके अनुभवों को देखते छत्तीसगढ़ का खुफिया चीफ बनाया।

अमित कुमार कितने जिले के एसपी रहे?

आईपीएस अमित कुमार छत्तीसगढ़ में छह जिलों के एसपी रहे। बीजापुर, राजनांदगांव, जांजगीर, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर जिले के एसपी रहे हैं।

क्या किसी रेंज में आईजी रहे?

अमित कुमार छत्तीसगढ़ के काफी साफ-सुथरी छबि के आईपीएस अधिकारी हैं। चूंकि वे 12 साल सेंट्रल डेपुटेशन पर रहे, इसलिए उन्हें यहाँ आईजी बनने का अवसर नही मिला। जब वे यहां से दिल्ली गए थे, तब वे रायपुर के एसपी थे और जब लौटे तो ADG प्रमोट हो चुके थे। इसलिए आईजी नही बन पाए। मगर इस समय डीजीपी के बाद पुलिस महकमे में दूसरे नम्बर के महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे हैं।

क्या वे दूसरी बार दिल्ली जाएंगे?

आईपीएस अमित कुमार 12 साल सीबीआई में रह चुके हैं। दो साल पहले ही छत्तीसगढ़ लौटे। राज्य सरकार ने उन्हें खुफिया जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है इसलिए ऐसा प्रतीत नही होता कि वे अभी डेपुटेशन पर जाएंगे और न ही सरकार ऐसा चाहेगी। 2028 में आईपीएस सर्विस के 30 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में ही डीजीपी के दावेदार हो जाएंगे। केंद्र में अगर डीजीपी इम्पेनल हो जाएं या सीबीआई में कोई महत्वपूर्ण पद मिले तो वे जरूर उस पर विचार कर सकते हैं।

जानिए अमित कुमार के बारे में

अमित कुमार छत्तीसगढ़ कैडर के 1998 बैच के आईपीएस है। आईआईटी से बीटेक के बाद फर्स्ट अटेम्प्ट में 98 वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने है। छत्तीसगढ़ में राजधानी व न्यायधानी समेत आधा दर्जन जिलों के एसपी रहने के अलावा सीबीआई में 12 वर्षों तक विभिन्न पदों पर पदस्थ रहकर कई महत्वपूर्ण केस सुलझाए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव के चारा घोटाले की जांच करने के अलावा डायरेक्ट पीएमओ को रिपोर्ट करने वाले ज्वाइंट डायरेक्टर पॉलिसी के पद पर भी रहे हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में....

आईपीएस अमित कुमार कितना पढ़े लिखे हैं

उत्तरप्रदेश के रहने वाले अमित कुमार छत्तीसगढ़ कैडर के 1998 बैच के आईपीएस है। उनका जन्म 19 दिसंबर 1975 को हुआ है। उनकी स्कूलिंग मोदीनगर से हुई। फिर उन्होंने दिल्ली आईआईटी से 1993 से 1997 तक बीटेक की डिग्री कंप्लीट की। इंजीनियरिंग करने के बाद यूपीएससी के फर्स्ट अटेम्प्ट में अमित कुमार आईपीएस के लिए चुन लिए गए। आईपीएस बनने के बाद उन्होंने आईएएस बनने के लिए दोबारा अटेम्प्ट नहीं लिया।

प्रोफेशनल कैरियर

अमित कुमार ने 28 दिसंबर 1998 को आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की। अमित कुमार को मध्य प्रदेश कैडर एलॉट हुआ। पर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अमित कुमार ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी से ट्रेनिंग खत्म करने के बाद वे छत्तीसगढ़ में 6 जिलों में पुलिस कप्तान रहें। अमित कुमार सबसे पहले नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक बने। जब अमित कुमार बीजापुर के एसपी बने तब नक्सल हिंसा के चलते बीजापुर देश में सुर्खियां बनता था। एसपी बन कर अमित कुमार ने बीजापुर में नक्सलियों पर प्रभावी लगाम लगाया। नक्सली वारदातों में काफी हद तक कमी आई। बीजापुर के बाद अमित कुमार राजनांदगांव के एसपी बने। जांजगीर-चांपा, दुर्ग, बिलासपुर,रायपुर जिलों के पुलिस अधीक्षक रहे।

राजधानी रायपुर के एसपी रहते सन 2011 में अमित कुमार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी की सीबीआई की प्रतिनियुक्ति में चले गए। अमित कुमार में सीबीआई में बतौर एसपी जॉइन किया। फिर सीबीआई में रहते हुए ही उन्हें डीआईजी और आईजी तथा एडीजी के पद पर प्रोफार्मा प्रमोशन मिला।

अमित कुमार सीबीआई में एसपी के अलावा डीआईजी व ज्वाइंट डायरेक्टर पॉलिसी के पद पर रहें। शुरुआत में अमित कुमार 2011 में जब दिल्ली में सीबीआई में एसपी के पद पर डेपुटेशन में गए थे तब वे चार वर्षों के लिए गए थे। पर उनके अच्छे वर्किंग के चलते उनका डेपुटेशन बढ़ता गया और वे करीबन 12 वर्षों तक सीबीआई में रहे। अमित कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव के चर्चित चारा घोटाले की जांच की। वे सीबीआई में संयुक्त निदेशक पॉलिसी के पद पर पांच साल रहें। यह सीबीआई का एक ऐसा विंग है जो सीधे पीएमओ के टच में रहता है और पीएमओ को रिपोर्ट करता है। ज्वाइंट डायरेक्टर पॉलिसी का पद काफी महत्वपूर्ण व प्रभावशाली माना जाता है। वे सीबीआई की एंटी करप्शन विंग में भी काम कर चुके है। सीबीआई में रहने के दौरान ही 2013-14 में अमित कुमार ने एंटी करप्शन विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। साइबर लॉ में भी उन्होंने डिप्लोमा किया।

दिसंबर 2023 में राज्य में सरकार गठन होने के बाद अमित कुमार प्रतिनियुक्ति से वापस आए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में एडीजी के पद पर ज्वाइनिंग दी। वर्तमान में अमित कुमार डीजीपी के बाद पुलिस विभाग में सबसे महत्वपूर्ण पद माने जाने वाले खुफिया विभाग में पदस्थ है। वे छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ है।

Neha Yadav

नेहा यादव रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएट करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। पिछले 6 सालों से विभिन्न मीडिया संस्थानों में रिपोर्टिंग करने के बाद NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहीं है।

Read MoreRead Less

Next Story