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हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: प्राइवेट हिंदी व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 5वीं, 8वीं की वार्षिक परीक्षा अब स्कूल शिक्षा विभाग करेगा आयोजित, एसोसिएशन ने ये कहा...

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम से प्राइवेट स्कूलों में पाचवीं व आठवीं की परीक्षा का आयोजन करने का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग को दिया है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

Bilaspur High Court
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फोटो सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।21 फरवरी 2026| बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में हिंदी व अंग्रेजी माध्यम से प्राइवेट स्कूलों में पाचवीं व आठवीं की परीक्षा का आयोजन करने का अधिकार स्कूल शिक्षा विभाग को दिया है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया है।

हाई कोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ में माध्यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़ सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त तकरीबन 6200 प्राइवेट हिंदी व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा का आयोजन अब स्कूल शिक्षा विभाग करेगा। वार्षिक परीक्षा आयोजन के जरिए इन स्कूलों पर सीधेतौर पर स्कूल शिक्षा विभाग का नियंत्रण रहेगा। साथ ही इस बात की जानकारी रहेगी कि प्रदेश में सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त कितने स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दायर याचिका में एसोसिएशन ने निजी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

हस्तक्षेप याचिकाकर्ता ने रखा पक्ष

सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने हस्तक्षेप याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर छात्रों और अभिभावकों का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने दलील दी कि फर्जी स्कूलों के कारण हजारों बच्चों का भविष्य खतरे में है और शासन को इस पर सख्त नियंत्रण करना चाहिए। एडमिशन के वक्त पालकों को सब्जबाग दिखाकर बच्चों का एडमिशन करा लिया जाता है, परीक्षा के वक्त पता चलता है कि सीबीएसएई के बजाय सीजी बोर्ड की परीक्षा बच्चों को दिलानी होगी। परीक्षा के वक्त इस तरह के फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ना तो छात्र कुछ करने की स्थिति रहता है और ना ही पालक। विवशता के चलते सीबीएसई के बजाय सीजी बोर्डकी परीक्षा दिलानी पड़ती है।

डिवीजन बेंच में चुनौती देगा एसोसिएशन

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया, एसोसिएशन ने सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद अधिवक्ता के माध्यम से इसे डिवीजन बेंच में चुनौती देते हुए याचिका दायर करेंगे। राजीव गुप्ता ने कहा, स्कूल शिक्षा विभाग हमारे कामों में गैर जरुरी हस्तक्षेप कर रहा है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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