Begin typing your search above and press return to search.

नाइट लैंडिंग को ऑपरेट करने स्टाफ की क्या है व्यवस्था, हाई कोर्ट ने डायरेक्टर सिविल एविएशन को शपथ पत्र के साथ मांगी जानकारी, मार्च में होगी पीआईएल की सुनवाई

Bilaspur High Court: बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने बताया कि नाइट लैंडिंग के लिए लाइसेंस मिल गया है, आपरेशन के लिए स्टाफ की कमी है।

bilaspur airport news
X
npg.news
By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद अग्रवाल की डिवीजन बेंच में बिलासपुर एयरपोर्ट में हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई। डिवीजन बेंच ने में कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की एजेंसी एयरपोर्ट में काम करते दिखाई दे रही है,लिहाजा उन्हें समय दिया जाना चाहिए।

जनहित याचिका की सुनवाई के दाैरान डिवीजन बेंच ने डायरेक्टर सिविल एविएशन को आधारभूत संरचना की वर्तमान स्थिति और उसमें किए जाने वाले नए कार्य, नाइट लैंडिंग सुविधा हो जाने के बाद मौजूदा स्टाफ की स्थिति और समर शेड्यूल में किन-किन शहरों के लिए विमान सुविधाएं मिलेंगी, शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से अधिवक्ता अनुमेह श्रीवास्तव ने बिलासपुर एयरपोर्ट नाइट लैंडिंग के संबंध में जारी नोटिस टू एयरमैन नोटाम, की प्रति फाइल की। इसके तहत 30 दिन के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधाएं शुरू हो जाएंगी व रात में विमान की लैंडिंग हो सकेगी। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने डिवीजन बेंच को इस बात से अवगत कराया कि राज्य और केंद्र सरकार बिलासपुर एयरपोर्ट में आगे और कार्य करने के लिए तत्पर है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने नाइट लैंडिंग सुविधा के लिए पर्याप्त स्टाफ की कमी का जिक्र करते हुए कहा, इस अगर यह स्टाफ नहीं रहेगा तो नाइट लैंडिंग सुविधा पूरे टाइम नहीं मिल पाएगी। अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने इस बात का समर्थन करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने जो फंड बिलासपुर एयरपोर्ट विकास के लिए आवंटित किए हैं उन्हें किस-किस कार्य में खर्च किया जाना है, इस पर भी अभी कोई स्थिति साफ नहीं है।

यह साफ होना चाहिए कि क्या-क्या काम भविष्य में किए जाएंगे। दोनों ही अधिवक्ताओं ने समर शेड्यूल में पुराने की संख्या पर्याप्त किए जाने की मांग की वही सुदीप श्रीवास्तव ने विशेष रूप से प्रयागराज की उड़ान में कमी किए जाने का जिक्र किया। अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई के लिए मार्च के महीने में सुनवाई की तिथि तय कर दी है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story