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Duniya ka sabse Chhota airport: दुनिया का सबसे छोटा और खतरनाक एयरपोर्ट; 400 मीटर के रनवे पर होती है हैरतअंगेज़ लैंडिंग!

Duniya ka sabse Chhota airport: इस लेख में हम जानेंगे कि दुनिया का सबसे छोटा एयरपोर्ट कौन सा है और कहां है।

Duniya ka sabse Chhota airport: दुनिया का सबसे छोटा और खतरनाक एयरपोर्ट; 400 मीटर के रनवे पर होती है हैरतअंगेज़ लैंडिंग!
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By Chirag Sahu

Duniya ka sabse Chhota airport: हवाई यात्राओं के दौरान आपने गौर किया होगा कि हवाई जहाजो के उतरने के लिए काफी बड़े-बड़े रनवे बने होते हैं और इनका आकार हवाई जहाज के लैंडिंग पर काफी प्रभाव डालता है। वैसे तो किसी सामान्य रनवे का आकार 2.5 से 4 किलोमीटर तक लंबा होता है लेकिन आज हम जिस हवाई अड्डे की बात करने वाले हैं वह काफी छोटा है जिस वजह से इसे दुनिया का सबसे छोटा रनवे भी कहते हैं। इस रनवे को देखने पर आपको विश्वास ही नहीं होगा कि यहां कोई हवाई जहाज उतर भी सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि दुनिया का सबसे छोटा एयरपोर्ट कौन सा है और कहां है।

कैरेबियन सागर में स्थित है यह एयरपोर्ट

इस एयरपोर्ट का नाम है जुआनचो ई. यरासक्विन (Juancho e Yrausquin Airport), जो नीदरलैंड्स के अधीन कैरेबियन सागर के सबा आइलैंड में स्थित है। इस एयरपोर्ट पर उतरने वाले हर यात्री को यह विश्वास ही नहीं होता कि वे इतने छोटे एयरपोर्ट पर कैसे लैंड कर गए, क्योंकि इस एयरपोर्ट का रनवे मात्र 400 मी. यानी 1312 फीट ही लंबा है। यह किसी बड़े एयरक्राफ्ट से कुछ ही फिट बड़ा है, इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इसका साइज कितना छोटा है। साथ ही कैरेबियन सागर के निकट होने की वजह से इसकी एक तरफ पहाड़ी और दूसरी तरफ समुद्र स्थित है तो ऐसे में यदि विमान लैंड करने में कोई गलती हुई तो काफी बड़ी दुर्घटना हो सकती है इसी वजह से यहां जेट एयरक्राफ्ट का आना पूरी तरह से वर्जित है। इस रनवे पर एयरक्राफ्ट लैंड कराने के लिए अत्यंत कुशल पायलटों को नियुक्त किया जाता है।

दुनिया के सबसे छोटे एयरपोर्ट बनाने का इतिहास

यह दिन था 9 फरवरी 1959 का जब रेमी डी हेनन नाम के एक बहादुर पायलट ने यहां पहली बार अपना सी प्लेन उतरा था और तब से लेकर आज तक यहां एयरक्राफ्ट का आना-जाना लगा रहता है। इन्होंने 1946 में एयरक्राफ्ट के जरिए इस द्वीप का सर्वेक्षण किया और फ्लैट पॉइंट नाम के एक जगह को समतल करने को कहा। जब डच इंजीनियरों द्वारा यहां जमीन को सपाट किया गया तो हेनन ने यहां प्लेन लैंड करा के एक चमत्कार ही कर दिया। फिर यहां 22 मार्च 1962 को एक एयरपोर्ट का निर्माण नीदरलैंड के वित्त मंत्री जुआनचो इरासक्विन ने करवाया लेकिन इस एयरपोर्ट के बनने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई जिस वजह से इस एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रख दिया गया। साबा द्वीप की आबादी लगभग 2000 है और यहां सालाना 8 से 9 हजार लोग घूमने के लिए आते हैं।

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