CM Vishnudeo Sai: पारदर्शी संपत्ति मूल्यांकन लोगों को सीधा फायदा, विष्णुदेव सरकार ने छत्तीसगढ़ में भूमि और संपत्ति के मूल्यांकन को ज्यादा तर्कसंगत और जनहितैषी बनाया...
CM Vishnudeo Sai: नई गाइडलाइन के साथ शासन ने कई महत्वपूर्ण राहतें भी दी हैं। हकत्याग, दानपत्र और बंटवारा नामा जैसे दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर दर को समाप्त कर हेक्टेयर दर से मूल्यांकन किया जाएगा

CM Vishnudeo Sai: रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूमि और संपत्ति के मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई गाइडलाइन दरें लागू कर दी गई हैं। केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में प्रभावशील हैं। गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक सर्वेक्षण, क्षेत्रीय अध्ययन और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर किया गया है, ताकि भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित किया जा सके और वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को समाप्त किया जा सके।
शासन का स्पष्ट उद्देश्य भूमि क्रय विक्रय और पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाना, नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करना और संपत्ति मूल्यांकन में पारदर्शिता लाना है। इसी क्रम में रायगढ़ और रायपुर जिलों में गाइडलाइन दरों का व्यापक, तार्किक और युक्तियुक्त पुनरीक्षण किया गया है।
जनसुविधा के लिए महत्वपूर्ण राहतें
नई गाइडलाइन के साथ शासन ने कई महत्वपूर्ण राहतें भी दी हैं। हकत्याग, दानपत्र और बंटवारा नामा जैसे दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर दर को समाप्त कर हेक्टेयर दर से मूल्यांकन किया जाएगा। परिवर्तित भूमि में सिंचित भूमि की दो गुना गणना और वृक्षों पर लगने वाले अतिरिक्त प्रभार को भी समाप्त कर दिया गया है। नई गाइडलाइन दरों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही असमानताओं को दूर किया गया है। संपत्ति मूल्यांकन अब अधिक पारदर्शी, सरल और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप हो गया है। इससे आम नागरिकों, किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा और भूमि पंजीयन प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा।
रायपुर जिले में वर्षों बाद व्यापक संशोधन
रायपुर जिले में वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार गाइडलाइन दरों का व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। लंबे समय तक संशोधन नहीं होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई गाइडलाइन में रोड आधारित दर प्रणाली अपनाकर इन विसंगतियों को दूर किया गया है। नगर निगम के कई वार्डों में एक ही मार्ग पर अलग अलग दरें थीं, जिन्हें समायोजित कर एकसमान और युक्तियुक्त दरें तय की गई हैं।
स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों में नाम के आधार पर अलग अलग दरें समाप्त कर समान दरें लागू की गई हैं। इसके साथ ही कंडिकाओं की संख्या में भी बड़ी कटौती की गई है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 70 वार्डों में 861 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 454 कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्रों की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। समान परिस्थिति वाले गांवों के लिए एक जैसी दरें तय की गई हैं, जिससे किसानों और भूमि स्वामियों को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप लाभ मिलेगा।
रायगढ़ जिले में दरों का युक्तियुक्त पुनर्गठन
रायगढ़ जिले में जिला पंजीयक कार्यालय द्वारा किए गए विस्तृत सर्वेक्षण और निष्पक्ष अध्ययन के आधार पर नई गाइडलाइन दरें तय की गई हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दरों का पुनर्गठन कर उन्हें सरल और व्यवहारिक बनाया गया है। इससे भूमि पंजीयन, राजस्व कार्य और बैंक ऋण जैसी प्रक्रियाएं अधिक सहज होंगी। पिछले लगभग आठ वर्षों से गाइडलाइन दरों में व्यापक संशोधन नहीं हुआ था। इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों, कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों का विकास हुआ, लेकिन पुरानी व्यवस्था में लगातार नई कंडिकाएं जुड़ती रहीं। नतीजतन एक ही वार्ड या सड़क पर अलग अलग दरें लागू हो गई थीं। नई गाइडलाइन के माध्यम से इन सभी विसंगतियों को दूर किया गया है।
रायगढ़ जिले के उपपंजीयक कार्यालयों रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा और धरमजयगढ़ में पूर्व में 141 वार्डों में 515 कंडिकाएं थीं, जिन्हें समायोजित कर अब 178 कंडिकाएं निर्धारित की गई हैं। नगर निगम रायगढ़ क्षेत्र में 48 वार्डों में पहले 295 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 71 किया गया है। इससे दरों में एकरूपता आई है और एक ही क्षेत्र में अलग अलग दरों की समस्या समाप्त हुई है। नगर निगम के कई वार्डों में एक ही सड़क पर अलग अलग मुख्य मार्ग दरें प्रचलित थीं।
नई गाइडलाइन में इन्हें समेकित कर पूरे मार्ग पर समान दरें लागू की गई हैं। कॉलोनियों के मामले में भी समान सुविधाओं और समान प्रकृति वाली कॉलोनियों के लिए एक जैसी दरें तय की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा और जियो लोकेशन आधारित सर्वे के माध्यम से मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्रों की दरों में संतुलन बनाया गया है। आसपास के समान महत्व वाले गांवों को वर्गीकृत कर उनके लिए एक समान दरें तय की गई हैं।
रायपुर एवं कोरबा जिले में संशोधित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी से होंगी लागू
छत्तीसगढ़ राज्य में 20 नवंबर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को यह निर्देश जारी किए गए थे कि आवश्यकता अनुसार इन नवीन गाइडलाइन दरों में संशोधन के प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजे जा सकते हैं।
शासन के निर्देशों के तहत रायपुर एवं कोरबा जिले की जिला मूल्यांकन समितियों से गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर एवं कोरबा जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श उपरांत दोनों जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए संशोधन प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें रायपुर एवं कोरबा जिले में 30 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिकों एवं संबंधित हितधारकों द्वारा नवीन गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है। राज्य के अन्य जिलों से भी जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित गाइडलाइन दरों के प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त कर नियमानुसार जारी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य शासन का उद्देश्य भूमि एवं संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी, यथार्थपरक और जनहितैषी बनाना है। गाइडलाइन दरों का समय-समय पर पुनरीक्षण वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिले और पंजीयन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा
स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं।
इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है।
"छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
