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CM Vishnudeo Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में हाउसिंग बोर्ड ने रचा नया कीर्तिमान, पहली बार एक साल के भीतर 1022 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां बेची

CM Vishnudeo Sai: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्य किया जा रहा है

CM Vishnudeo Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में हाउसिंग बोर्ड ने रचा नया कीर्तिमान, पहली बार एक साल के भीतर 1022 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां बेची
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By Sandeep Kumar

CM Vishnudeo Sai: रायपुर। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार एक वर्ष में लगभग 1022 करोड़ की संपत्तियों का किया गया विक्रय। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कामयाबी के लिए मंत्री समेत हाउसिंग बोर्ड की टीम को बधाई दी है, वहीं विभागीय मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पात्र लोगों को किफायती, सुलभ और सम्मानजनक आवास दिलाना है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने राज्य में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वर्ष 2025 में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 4689 संपत्तियों का विक्रय किया गया, जिनका कुल मूल्य 1022 करोड़ रुपये से अधिक है। यह छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के गठन के बाद अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विक्रय है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के नेतृत्व में मंडल द्वारा किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्य किया जा रहा है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम इस अभूतपूर्व सफलता के रूप में सामने आया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर इस वर्ष 23 से 26 नवंबर 2025 तक रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 भी अत्यंत सफल रहा। इस मेले के दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 26 जिलों में 2080 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया। साथ ही मेले के दौरान ही 305 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय हुआ, जिससे मंडल की योजनाओं के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ। आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किए गए सुधार वित्तीय अनुशासन को दर्शाते हैं। ऋण मुक्त संस्थान इसकी स्पष्ट मिसाल हैं। विकास को जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।

संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हुआ है। नागरिक केंद्रित सुधारों को सभी योजनाओं में प्राथमिकता दी गई है। डिजिटल सेवाओं से सुविधा और पारदर्शिता बढ़ी है। सेवा वितरण में समय और लागत दोनों की बचत हुई है। नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर समान रूप से ध्यान दिया गया है। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर बढ़े हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। नवा रायपुर विकास का केंद्र बन रहा है। पर्यावरण संरक्षण को विकास का अभिन्न अंग बनाया गया है। तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। प्राकृ तिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। नवा रायपुर अटल नगर इन सभी प्रयासों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। ऋण मुक्त, निवेश अनुकूल और भविष्य तैयार शहर के रूप में इसकी पहचान बनी है।

70 प्रतिशत आवास गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रारंभ से ही समाज के कमजोर एवं निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता दी जाती रही है। अब तक निर्मित कुल आवासों में लगभग 70 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए बनाए गए हैं। विगत पांच वर्षों में जहां मंडल द्वारा औसतन 1387 संपत्तियों का प्रतिवर्ष विक्रय हुआ और औसत मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4689 संपत्तियों एवं 1022 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह मंडल की कार्यप्रणाली में हुए सुधार, नीतिगत सरलीकरण और आम नागरिकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। विगत एक वर्ष के दौरान शासन द्वारा लागू की गई ओटीएस-2 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना के तहत हितग्राहियों को 30 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 1452 संपत्तियों का विक्रय हुआ। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 220.16 करोड़ रुपये रहा, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के बड़ी संख्या में नागरिकों को सीधा लाभ मिला।

नागरिकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाणः साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में 1022 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का विक्रय एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सरकार की जनहितैषी नीतियों और आम नागरिकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव तथा मंडल के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी। नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा। आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।

स्पष्ट आवास नीति का परिणामः चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि एक वर्ष में 1022 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय राज्य के आवास क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच, स्पष्ट आवास नीति तथा हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का परिणाम है। शासन का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक को किफायती, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था।

735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके।

मंडल की पारदर्शिता से बढ़ा भरोसाः सिंह देव

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि वर्ष 2025 की यह सफलता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन, मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व और मंडल की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मंडल पारदर्शिता, नई सोच और जनहित को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी आवासहीनों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा।

लंबित ब्याज, वॉटर चार्जेस पर सरचार्ज में 50 फीसदी छूट

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक में आमजन को राहत पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की स्ववित्तीय एवं भाड़ाक्रय श्रेणी में मकान प्राप्त करने वाले अनेक हितग्राही लंबे समय से अपनी किश्तें निर्धारित समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे, जिसके कारण उन पर विलंबित अवधि का भारी ब्याज लग रहा था। हितग्राहियों की लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि यदि हितग्राही अपनी संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा करते हैं तो उन्हें विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी।

यह निर्णय सीधे तौर पर हजारों हितग्राहियों को आर्थिक राहत देगा। उन्होंने बताया कि जलप्रदाय शुल्क (वॉटर चार्जेस) का भुगतान समय पर नहीं करने पर लगने वाला सरचार्ज भी हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण था। बोर्ड ने इस विषय पर भी बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों पर लंबित वॉटर चार्जेस को यदि हितग्राही एकमुश्त जमा करते हैं तो उन पर भारित सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा विक्रय/आबंटित संपत्तियों के विक्रय विलेख के निष्पादन के साथ ही हितग्राहियों को उनका भौतिक कब्जा प्रदान कर दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी एवं सरल हो जाएगी।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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