CM विष्णुदेव की पहल से ग्रामीण विकास की सोच में सकारात्मक परिवर्तन, वीबी जी राम जी योजना में ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और आजीविका की समग्र सोच
वीबी जी राम जी योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच साठ चालीस की वित्तीय भागीदारी ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों को नई मजबूती दी है। वित्त वर्ष 2026 के लिए छियासी हजार करोड़ रुपये का आवंटन यह दर्शाता है कि ग्रामीण रोजगार को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है

रायपुर। विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण अर्थात वीबी जी राम जी योजना का मूल उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन को आर्थिक रूप से स्थिर और आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना मनरेगा के अनुभवों को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण परिवारों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी देती है। इसके साथ जल संरक्षण, गांव के विकास और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग और त्वरित भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भरोसे और सशक्तिकरण की भावना मजबूत हो रही है। मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिला छत्तीसगढ़ का ऐसा क्षेत्र है जहां घने वन, पहाड़ी भू आकृति और आदिवासी बहुल आबादी विकास को स्वाभाविक रूप से समावेशी दिशा देती है।
यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था वर्षा आधारित कृषि, वनोपज संग्रह और मौसमी श्रम पर निर्भर रही है। वर्ष 2006 से मनरेगा ने जिले के हजारों परिवारों को आजीविका सुरक्षा दी और गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराकर सामाजिक स्थिरता को मजबूती प्रदान की। वीबी जी राम जी योजना के माध्यम से मनरेगा का यह नया स्वरूप मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के लिए केवल योजना में सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की सोच में आया एक दूरगामी परिवर्तन है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयास इस मिशन को रोजगार और टिकाऊ आजीविका का सशक्त मॉडल बना सकते हैं।
मनरेगा से मिले अनुभव और नई सोच की आवश्यकता
बीते वर्षों में मनरेगा के तहत जिले में औसतन पचास दिनों का रोजगार उपलब्ध हुआ। इससे यह स्पष्ट हुआ कि श्रम की उपलब्धता, काम करने की इच्छा और योजना के प्रति विश्वास मजबूत है। जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क और भूमि सुधार जैसे कार्यों ने गांवों के भौतिक स्वरूप को बदला। इन अनुभवों से यह समझ विकसित हुई कि यदि रोजगार को स्थायी परिसंपत्तियों और दीर्घकालिक आजीविका से जोड़ा जाए, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। इसी सोच का विस्तार वीबी जी राम जी योजना में दिखाई देता है।
वित्तीय स्थिरता और सुव्यवस्थित क्रियान्वयन
वीबी जी राम जी योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच साठ चालीस की वित्तीय भागीदारी ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों को नई मजबूती दी है। वित्त वर्ष 2026 के लिए छियासी हजार करोड़ रुपये का आवंटन यह दर्शाता है कि ग्रामीण रोजगार को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। जिले में जल सुरक्षा, मुख्य अवसंरचना, आजीविका संबंधी संरचनाओं और जलवायु सहिष्णु परिसंपत्तियों पर कार्य केंद्रित किए गए हैं। खेत तालाब, चेकडैम, लघु सिंचाई संरचनाएं और ग्रामीण सड़कें रोजगार के साथ साथ उत्पादकता और जीवन गुणवत्ता में सुधार ला रही हैं।
125 दिन का रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता गांव
रोजगार गारंटी को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करना ग्रामीण परिवारों के लिए एक ठोस आश्वासन है। यह विस्तार केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है। आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में यह मॉडल जल संसाधनों, बाजार संपर्क और स्थानीय रोजगार को मजबूत कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वीबी जी राम जी योजना से गांव-गांव पहुंचेगा रोजगार
शासन की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीण जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना
अधिकारियों ने बताया कि पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जिसे अब विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत बढ़ाकर 125 दिनों तक किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है।
क्यूआर कोड से बढी पारदर्शिता
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड और मस्टर रोल का मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है।
गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण लिए तकनीकी मार्गदर्शन
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया तथा आवास निर्माण के लिए मिलने वाली किश्तों, मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री और अन्य विभागों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूरा करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता से पारदर्शिता
रोजगार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मिलने वाली रोजगार गारंटी की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रही है।
डबरी निर्माण ननकू के लिए बना आय का साधन
ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत सरगुजा जिले में विभिन्न हितग्राही मूलक कार्य कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चकेरी में हितग्राही ननकू के खेत में आजीविका डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है।
इस कार्य के लिए शासन द्वारा 1.99 लाख रुपये की स्वीकृत राशि प्रदान की गई है, जिसमें से अब तक 1.82568 लाख रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। आजीविका डबरी निर्माण कार्य का प्रारंभ 17 दिसंबर 2025 प्रारंभ हुआ था जिसका कार्य प्रगति पर है और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है।
आजीविका डबरी के निर्माण से हितग्राही को वर्षा जल संचयन की सुविधा मिलेगी, जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी तथा मछली पालन, सब्जी उत्पादन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, वीबी जी राम जी के तहत स्थानीय श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
हितग्राही ननकू ने बताया कि डबरी निर्माण से खेत में पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा और इससे कृषि के साथ-साथ अन्य आजीविका गतिविधियां भी संभव हो सकेंगी। उन्होंने शासन की इस योजना को ग्रामीणों के लिए उपयोगी बताते हुए इसके लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन एवं जनपद पंचायत उदयपुर द्वारा वीबी जी राम जी के माध्यम से जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और गांवों में सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
