500 करोड़ के काम में जमकर हुआ खेला: जल संसाधन विभाग के अफसरों ने किया कमाल, CM सचिवालय ने दिया जांच का आदेश
CG News: छत्तीसगढ़ के छुईखदान जल संसाधन संभाग में अफसरों ने 500 करोड़ के काम में जमकर खेला किया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच का निर्देश दिया है। पढ़िए सीएम सचिवालय से प्रमुख अभियंता को जांच के संबंध में क्या निर्देश जारी किया गया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के छुईखदान जल संसाधन संभाग में अफसरों ने 500 करोड़ के काम में जमकर खेला किया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच का निर्देश दिया है। गड़बड़ी की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएम सचिवालय ने प्रमुख अभियंता को शिकायत पर नियमानुसार कार्यवाही कर आवेदक को अवगत कराने और पूरी कार्रवाई की जानकारी जनदर्शन पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
सेवानिवृत्त सहायक वर्ग-3 एसके उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निर्माण कार्यों में बरती गई अनियमिता की जानकारी देने के साथ ही पूरे मामले की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के जल संसाधन संभाग छुईखदान में कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की बात कही है।
शिकायत में लिखा है, वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक जल संसाधन संभाग छुईखदान को विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का आबंटन हुआ। आरोप है कि इस राशि का उपयोग सही तरीके से नहीं किया गया और अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से भारी अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वार्षिक मरम्मत और संधारण के लिए मिले लगभग 4 करोड़ रुपये का जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। आरोप है कि पूरी राशि आपस में बांट ली गई और कागजों में काम दिखाकर भुगतान कर लिया गया।
निविदा प्रक्रिया में मिलीभगत और फर्जी बिल का खेल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर दिया है।
नियम विरुद्ध संलग्नीकरण और कार्य आवंटन
शिकायत के अनुसार करूणेश मेश्राम को प्रमुख अभियंता कार्यालय से नियम विरुद्ध छुईखदान में संलग्न कर तीन सबडिविजन का ऑडिट कार्य सौंपे जाने का आरोप है। वहीं कमल नारायण ठाकुर को उनके पद के विपरीत ऑडिटर, स्थापना, आरटीआई और कोर्ट केस का काम दिया गया। स्थल सहायक लोकेश शर्मा को भी फील्ड के बजाय कार्यालय में संलग्न कर नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
संपत्ति जांच और एफआईआर की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कार्यपालन अभियंता बी.के. मरकाम के पूरे कार्यकाल की जांच कराई जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति, आयकर रिटर्न और वेतन के आधार पर तुलनात्मक विश्लेषण कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
