Chhattisgarh News: मंत्री अचानक पहुंचीं आंगनवाड़ी केंद्र, 16 बच्चों की हाजिरी में सिर्फ दो बच्चे ही मिले, पर्यवेक्षक निलंबित...
Chhattisgarh News: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के औचक निरीक्षण में आंगनवाडी केंद्र में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। 16 बच्चों की हाजिरी वाले केंद्र में सिर्फ दो बच्चे ही मिले। इस बात से नाराज मंत्री ने पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया है।

Chhattisgarh News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में आंगनवाड़ी के निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही मिलने से नाराज मंत्री ने पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया है। सस्पेड़ पर्यवेक्षक का नाम हर्षलता जेकब है। मंत्री ने लापरवाह कर्मचारियों-अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई।
दरअसल, जारी आदेश में बताया गया कि महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा 24 अप्रैल को जिला-कांकेर के एकीकृत बाल विकास परियोजना-चारामा अंतर्गत सेक्टर चांवडी के आंगनवाडी केन्द्र-दरगहन क्रमांक 01 का प्रातः 9:45 बजे निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र दरगहन क्रमांक 01 में 03 से 06 वर्ष आयु के दर्ज कुल 16 बच्चों के विरूद्ध केवल 2 बच्चे उपस्थित पाये गये परंतु कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रैकर एप्प में सभी 16 बच्चों को उपस्थित दर्शाते हुए उन्हें गर्म भोजन का वितरण किया जाना पोषण ट्रैकर एप्प में अंकित किया गया।
आंगनबाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई, रेडी-टू-ईट फूड का रख-रखाव, बच्चों के बैठने की व्यवस्था अत्यंत असंतोषप्रद पायी गई। निरीक्षण पंजी के अवलोकन से यह पाया गया कि संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक हर्षलता जेकब के द्वारा विगत 3 माहों से उक्त आंगनबाड़ी केन्द्र का न तो निरीक्षण किया गया और न ही निरीक्षण टीप अंकित की गई है।
हर्षलता जेकब के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषण ट्रैकर एप्प में विभिन्न एंट्री करने संबंधी समुचित मार्गदर्शन नहीं दिया जा रहा है न ही नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।
उपरोक्तानुसार पर्यवेक्षक हर्षलता जेकब के द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही तथा निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया जाना पाया गया है। अतः हर्षलता जेकब के द्वारा कर्तव्यपालन में घोर लापरवाही बरतने तथा छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन करने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के प्रावधानों के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
हर्षलता जेकब का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) रहेगा। हर्षलता जेकब, पर्यवेक्षक को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी।