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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू, अब तक 164 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, CM विष्णुदेव साय सरकार में नक्सल विरोधी अभियान को मिली गति

नियद नेल्लानार जैसे विकास कार्यक्रमों और सुरक्षाबलों की रणनीति को और मजबूत करते हुए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आदिवासियों का विश्वास बना रहे

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू, अब तक 164 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, CM विष्णुदेव साय सरकार में नक्सल विरोधी अभियान को मिली गति
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By Sandeep Kumar

बस्तर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना ने बस्तर के सुदूर और नक्सल प्रभावित गांवों में विकास की नई किरण जलाई है। इस योजना के तहत् सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू

नियद नेल्लानार जैसे विकास कार्यक्रमों और सुरक्षाबलों की रणनीति को और मजबूत करते हुए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आदिवासियों का विश्वास बना रहे। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ माओवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए नक्सल पुनर्वास निती योजना लागू की गई, जो प्रभावी रूप से चेंजर साबित हो रही है।

जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू

नक्सल उन्मुलन अभियान और नियद नेल्लानार अंतर्गत जिले के अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्र कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहंदी, होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोडलियर, कुतुल, बेड़माकोटी, पदमकोट, कान्दुलनार, नेलांगुर, पांगुड़, रायनार और 01 सितम्बर 2025 को एडजूम में 16वां नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर 10 सितम्बर 2025 को पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया के समक्ष जनताना सरकार सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।

जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू

नक्सलियों के सैफ हाऊस लंका और डूंगा जैसे घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। जनताना सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की शपथ ली। वर्ष 2025 में कुल 164 बड़े छोटे कैडर के माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये का चेक प्रदाय किया गया और उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं भी दी जा रही है।

सरेण्डर नक्सलियों ने इंट्रोगेशन में खुलासा किया कि शीर्ष कैड़र के माओवादी लीडर्स आदिवासियों के सबसे बड़े और असली दुश्मन, समानता और न्याय के झूठे सपने दिखाकर बस्तर के लोगों गुलाम बनाते हैं। हालांकि इन माओवादियों का पद ओहदे में छोटा होता है किन्तु ये नक्सलवाद को पोषित करने और बनाए रखने के लिए अहम किरदार निभाते हैं। ये माओवादी लड़ाकू माओवादियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते हैं तथा कतिपय मामलों में नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन करते हैं और आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते हैं।

आत्मसमर्पित माओवादी नक्सली ने इंट्रोगेशन के दौरान खुलासा किया कि शीर्ष कैड़र के माओवादी लीडर्स आदिवासियों के सबसे बड़े और असली दुश्मन हैं, वो आदिवासियों के सामने उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा, समानता का अधिकार और न्याय दिलाने, जैसे दर्जनों झूठे सपने दिखाकर बस्तर के लोगों गुलाम बनाते हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी नक्सलियों को अच्छी जिंदगी जीने के लिये 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा।

एसपी नारायणपुर रोबिनसन गुरिया ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।

पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने कहा कि वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलो के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है। अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें।

नारायणपुर में माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत एडजूम में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम एडजूम क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -एडजूम- आदेर मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्याे में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 01.09.2025 को नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 40वीं, 29वीं, 38वीं वाहिनी के द्वारा घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम एडजूम में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम एडजूम में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्राम एडजूम ओरछा ब्लॉक, ओरछा तहसील व थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है। नवीन कैम्प एडजूम थाना ओरछा से 05 कि.मी. दक्षिण दिशा में स्थित है।

कैम्प ओपनिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम एडजूम, दुलूर, इर्दवाया एवं आसपास गांव से आये ग्रामीणों से कुशलक्षेम जानकर उनके समस्याओं को सुना गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैम्प की मांग किया गया जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने का आश्वासन दिया गया साथ ही ‘‘नियद नेल्लानार’’ के अंतर्गत ‘‘जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन कराये जाने के संबंध में बताया गया। जिला मुख्यालय नारायणपुर से बेड़माकेाटी तक जल्द ही बस सुविधा प्रारंभ की जायेगी।

ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नक्सलवाद की प्रताड़ना को व्यक्त किया और इस बात के लिए खुशी जाहिर किये कि पुलिस कैम्प खुलने से अब भय मुक्त जीवन जी सकेंगे। आसपास के नक्सल समर्थक ग्रामीण स्वयं को सुरक्षित महसुस कर माड़ क्षेत्र में कैम्प स्थापना के प्रभाव से आत्मसमर्पण हेतु नारायणपुर पुलिस के पास पहुंच रहे है।

नारायणपुर माड़ में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नवीन पुलिस कैम्पों की स्थापना की जा रही है। क्षेत्र में नक्सल गतिविधि चुनौती से निपटने के लिए शासन के मंशानुसार क्षेत्र में लगातार सघन नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने लिए नये पुलिस कैम्पों की स्थापना, सुरक्षा बलो की तैनाती और स्थानीय संवाद में सुधार शामिल किया गया है।

एडजूम में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।

सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुंच और निगरानी, स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजाद दिलाने में मदद मिलेगी। यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कारगर रहेगा। नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मुलन में तेजी आई है जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्याग कर 164 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किये एवं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों 96 माओवादी को मार गिराने व 71 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित हुई है।



Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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