जेल बना काल कोठरी: एक साल में 33 कैदियों ने तोड़ा दम, बिलासपुर सबसे आगे
CG Jail Death Case: छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों की मौत होने की संख्या एकाएक बढ़ गई है। एक जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि में ही 33 कैदियों ने अस्वस्थ होकर दम तोड़ दिया। इनमें से दस कैदी अकेले बिलासपुर केंद्रीय जेल के हैं।

CG Jail Death Case: रायपुर। जेलों में कैदियों को चिकित्सा सुविधा देने का नियम है। हर जेल में अस्पताल और डॉक्टरों की ड्यूटी भी रहती है, इसके बाद भी बीमार होकर कैदियों के दम तोड़ने का सिलसिला जारी है। खास बात यह है कि ज्यादातर कैदियों को विभिन्न जेलों से आंबेडकर अस्पताल रायपुर शिफ्ट किया गया था और यही इलाज के बीच मौत हो गई।
सर्वाधिक दस कैदियों की मौत के साथ बिलासपुर केंद्रीय जेल टॉप पर है, जबकि दूसरे नंबर पर दुर्ग केंद्रीय जेल है, जहां एक साल में 8 कैदियों ने दम तोड़ा है। इसके अलावा अंबिकापुर केंद्रीय जेल में पांच कैदियों की जान चली गई है। जगदलपुर और गरियाबंद में दो- दो कैदियों तथा धमतरी, बलरामपुर, मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, कांकेर में एक- एक मौतों की सूचना जेल विभाग के पास है। इनमें सबसे हैरानी की बात यह है कि मृत कैदियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने में बहुत देरी हो रही है। हाल यह है कि दुर्ग के एक कैदी की मौत 27 फरवरी 2025 को हुई थी, मगर उसकी पीएम रिपोर्ट जेल विभाग को अब तक नहीं मिली है। 33 में से 20 कैदियों की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट अस्पताल से जेल विभाग तक नहीं पहुंची है।
जेल के कैदियों की मौतों के बाद संदिग्ध प्रकरणों की दंडाधिकारी जांच भी करवाई जा रही है, जिनमें से किसी की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। बिलासपुर जेल की बात करें तो यहां विचाराधीन महिला कैदी सुमित्रा तिवारी, सिद्धार्थ सिदार, सोनाऊराम यादव, इमरान कुरैशी, दशरथ, भांकर जांगड़े, भारदा प्रसाद, छेदू उर्फ मथुरा, राजेंद्र डहरिया और दिनेश यादव ने दम तोड़ा है। इनमें से ज्यादातर की मौत का कारण मेडिकल ही बताया गया है, वहीं कुछ की पीएम रिपोर्ट और दंडाधिकारी जांच की रिपोर्ट जेल विभाग को नहीं मिली है। केंद्रीय जेल दुर्ग ेमें बंद बरातीराम लोधी, अनवर हुसैन, लक्ष्मण साहू, मनिराम, दिनेश देशमुख, संपत राम देवांगन, मुकुंद राव और विनय प्रताप की मौतों की रिपोर्ट जेल विभाग में दर्ज है।
यह भी उल्लेखनीय है कि ज्यादातर कैदियों की मौत के पीछे किडनी खराब होने, हार्ट का रोग अथवा सभी महत्वपूर्ण अंगों के काम नहीं करने को कारण बताया गया है। अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद दिला उर्फ दिलराम, होलसाय नागवंशी, मुगुल राम, जीत लाल और बुधराम पंडो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खास बात यह है कि 33 कैदियों में से एक बिलासपुर केंद्रीय जेल के बंदी सोनाऊराम की जेल अस्पताल केंद्रीय जेल रायपुर में मौत हुई है। जबकि दो कैदियों कोरबा के अजय कुमार नगेशिया और रायगढ़ के लेदा उर्फ लेद्दाराम ने सिम्स अस्पताल बिलासपुर में दम तोड़ा है। बाकी सभी कैदी आंबेडकर अस्पताल रायपुर में भर्ती थी।
