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OPS, NPS वित्त मंत्री ने साफ की तस्वीर: बोले- 2004 के बाद नियुक्त OPS विकल्प वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए इस तरह किया जा रहा है पेंशन योजना का संचालन

CG Vidhansabha Budget Session 2026: OPS, NPS को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कर्मचारियों के मन में उठे भ्रम को दूर करते हुए कहा, 2004 के बाद नियुक्त OPS विकल्प वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। वित्त मंत्री चौधरी, विधायक पून्नलाल मोहले के सवालों का जवाब दे रहे थे।

OPS, NPS वित्त मंत्री ने साफ की तस्वीर: बोले- 2004 के बाद नियुक्त OPS विकल्प वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए इस तरह किया जा रहा है पेंशन योजना का संचालन
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर। 20 मार्च 2026|OPS, NPS को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कर्मचारियों के मन में उठे भ्रम को दूर करते हुए कहा, 2004 के बाद नियुक्त OPS विकल्प वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। वित्त मंत्री चौधरी, विधायक पून्नलाल मोहले के सवालों का जवाब दे रहे थे।

वित्त मंत्री ने सदन को बताया, एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना का विकल्प का चयन प्रदेश के कुल 2,91,797 अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा किया गया है। वर्ष 2004 के पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पश्चात नियुक्त OPS विकल्प वाले सभी शासकीय सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है।

पढ़िए विधायक पुन्नलाल मोहले और वित्त मंत्री के बीच हुए सवाल जवाब

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने सवाल किया,एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना के विकल्प का चयन प्रदेश के कुल कितने अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किया गया है? वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पक्षात् नियुक्त पुनः ओपीएस का विकल्प चयन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिये पेंशन योजना का संचालन व कार्यप्रणाली क्या है।

वित्त मंत्री चौधरी ने बताया, एनपीएस और ओपीएस दो प्रकार की पेंशन योजना है, 2004 में छग शासन ने ओपीएस की जगह एनपीएस लागू किया था। पिछली बार 2022 में ओपीएस स्कीम को लाया गया था , एक नवंबर 2004 के कर्मचारी ओपीएस में है, पेंशन व अन्य का काम महालेखाकार देखते हैं। उसके बाद के ओपीएस के केस है, जो बाद में एनपीएस व ओपीएस का विकल्प दिया था, दो लाख से अधिक कर्मचारियों ने ओपीएस का चुनाव किया है। इनका काम डायरेक्टोरेट हेंडल करता है।विधायक मोहले ने पूछा भविष्य निधि की कटौती कितने कर्मचारियों कीहोती है जो एनपीएस में हैं।

मंत्री ने बताया, एनपीएस की कटौती कर्मचारी और नियोक्ता का हिस्सा होता है, कर्मचारी का 10 फीसदी व नियोक्ता का सहभागिता 14 प्रतिशत होता है। रेगुलेटरी में जमा होता है, जीपीएफ 10 प्रतिशत कटौती होती है रिटायरमेंट में मिलता है।

विधायक मोहले ने पूछा, एनपीएस की जगह ओपीएस का चुनाव करने वाले कर्मचारियों को कितना प्रतिशत ब्याज प्रति वर्ष देय है, मंत्री ने कहा, ब्याज रेट 7.1 प्रतिशत है जो पीएफ पर ब्याज मिलता है।

विधायक मोहले ने पूछा, जिन अधिकारी कर्मचारी ने ओपीएस का विकल्प रखा है, कितनी राशि जमा है। भविष्य में राशि कैसे मिलेगीं।

मंत्री ओपी चौधरी ने बताया, एनपीएस कर्मचारी और नियोक्ता का सहभागिता, 22 हजार करोड जमा है, ओपीएस वालों को लाभांश आता है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया, जो राशि जमा है कुछ राशि वर्तमान में एनपीएस में कर्मचारी है, चार हजार आईएएस आईपीएस है सात हजार कर्मचारी हैं, रिटायरमेंट के दिन कर्मचारी को राशि मिल जाएगी बतौर एनपीएस राशि जमा किया है। नियोक्ता को भी ऐसे ही मिल जाएगा।

ये है विधायक पुन्नूलाल मोहले का सवाल

एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना के विकल्प का चयन प्रदेश के कुल कितने अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किया गया है? वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पक्षात् नियुक्त पुनः ओपीएस का विकल्प चयन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिये पेंशन योजना का संचालन व कार्यप्रणाली क्या है? (ख) कंडिका (क) अनुसार वर्ष 2004 के पूर्व नियुक्त व वर्ष 2004 के पश्चात् नियुक्त पुनः ओपीएस का विकल्प चयन करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का जीपीएफ कटौती का प्रबंधन किस-किस प्रकार किया जा रहा है? क्या दोनों का प्रबंधन अलग-अलग किया जा रहा है? पदि हाँ, तो क्यों? एक ही प्रकार से प्रबंधन कब तक किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) प्रदेश के सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और पेंशन के भुगतान के प्रभावी प्रबंधन के लिए बनाई गई वित्तीय योजना छ.ग. पेंशन निधि में दिनांक 15/02/2026 तक कितनी राशि जमा कर कुल कितनी राशि की निधि तैयार की गई है? क्या यह योजना किसी वित्तीय वर्ष में पेशन व्यय के 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर अतिरिक्त भुगतान इस निधि से किये जाने हेतु या कोई अन्य सुरक्षा प्रदान करने के दृष्टिकोण से भी बनाई गई है? यदि हाँ तो इससे अब तक कितनी राशि निकाली गई है? वर्षवार, मदवार जानकारी देवें?

वित्त मंत्री ओपी चौधरी का लिखित जवाब

एनपीएस से पुनः ओपीएस योजना का विकल्प का चयन प्रदेश के कुल 2,91,797 अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा किया गया है। वर्ष 2004 के पूर्व नियुक्त और वर्ष 2004 के पश्चात नियुक्त OPS विकल्प वाले सभी शासकीय सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के प्रावधानों के अनुसार पेंशन योजना का संचालन किया जा रहा है। (ख) वर्ष 2004 के पूर्व नियुक्त शासकीय सेवकों का जीपीएफ कटौती का प्रबंधन महालेखाकार, छत्तीसगढ़ द्वारा तथा वर्ष 2004 के पश्चात पुनः ओपीएस का विकल्प लेने वाले शासकीय सेवकों का जीपीएफ कटौती का प्रबंधन संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि छग द्वारा किया जा रहा है। जी हाँ, दोनों का प्रबंधन अलग अलग किया जा रहा है। एक ही प्रकार से प्रबंधन किया जाना विचाराधीन नहीं है। (ग) छत्तीसगढ़ पेंशन निधि में 15 फरवरी 2026 तक की स्थिति में कुल 1,068 करोड़ राशि जमा कर 1120.53 करोड़ की निधि तैयार की गई है। किसी वित्तीय वर्ष में पेंशन व्यय के 20 प्रतिमात से अधिक वृद्धि होने पर अतिरिक्त भुगतान इस निधि से किये जाने का प्रावधान है। अभी तक इस निधि से कोई भी राशि नहीं निकाली गई है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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