CG विधानसभा बजट सत्र 2026: धान खरीदी के मुद्दे पर गरम रहा सदन, मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष ने किया वाकआउट, विधायक कवासी लखमा ने पूछा....
CG Vidhansabha Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को जमकर घेरा। बस्तर में पंजीकृत किसानों का धान नहीं बेचने का मामला सदन में छाए रहा।

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रायपुर। 09 मार्च 2026|छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को जमकर घेरा। बस्तर में पंजीकृत किसानों का धान नहीं बेचने का मामला सदन में छाए रहा। धान खरीदी का मुद्दा इतना गरम रहा कि विपक्ष के विधायकों के सवालों का मंत्री जवाब नहीं दे पाए। पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदने के मुद्दे पर कांग्रेस ने बर्हिगमन कर दिया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान आज सदन में धान खरीदी का मुद्दा उठा। बस्तर के किसानों से धान खरीदी नहीं किए जाने का मुद्दा कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया और सरकार से जवाब मांगा। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धान खरीदी में गड़बड़ी और जबरिया समर्पण का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री से पूछा कि कितने किसानों से रकबा सर्मपण कराया है और ऐसे कितने किसान हैं जिसे जबरिया रकबा सर्मपण कराया गया है। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
मंत्री का रटारटाया जवाब
विपक्ष के विधायकों के सवालों का मंत्री दयालदास बघेल रटारटाया जवाब देते रहे। वे हर सवाल के जवाब में यही कहते रहे, जो किसान खरीदी केंद्रों तक धान बेचने के लिए लेकर आए थे,उनका धान खरीदा गया है। जो आंकड़ा सामने आ रहा है,ऐसे किसान हैं जिन्होंने धान बेचने समिति में आए ही नहीं।
विधायक कवासी लखमा के सवालों से घिर गए मंत्री
कोंटा के विधायक कवासी लखमा ने अपने अंदाल में सवाल दागना शुरू किया। विधायक लखमा ने कहा, बस्तर आदिवासी जिला है। छत्तीगढ़ में आदिवासी सीएम है, आदिवासी किसानों का धान खरीदी क्यों नहीं हो पाया, किसानों ने कर्ज लिया था, बेटी का विवाह करना है, घर बना रहे हैं, किसान कुछ नहीं कर पा रहे हैं। पांच जिला में 32200 किसानों का धान क्यों नहीं खरीदी की गई।
विधायक लखमा ने कहा, किसानों को टोकन जारी करने के बाद धान खरीदी नहीं किया गया है। गिरदावरी भी हुआ, पंजीयन भी हुआ, हड़ताल व चक्काजाम करने के बाद भी किसानों का धान नहीं खरीदा गया है। जो कर्ज लिए हैं उनका क्या होगा।
धान खरीदेंगे या कर्ज माफ करेंगे?
विधायक लखमा ने पूछा कि पंजीयन और टोकन के बाद भी जिन किसानों का धान नहीं खरीदी की गई है, उनका धान खरीदेंगे या फिर कर्ज माफ करेंगे क्या।
किसान धान नहीं बेच पाए हैं और कर्ज भी है, सरकार किसानों का कर्ज सरकार पटाएगी क्या? धान लेंगे या कर्जा पटाएंगे?
मंत्री ने कहा कि बीते साल से दोगुना और किसी किसी जिले में तीनगुना खरीदे हैं।
