CG Tet News: 87 हजार शिक्षक बैठे टीईटी परीक्षा में, औसत अंक मिले...एसोसिएशन की मांग...
CG Tet News: एसोसिएशन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं विभागीय स्तर पर संचालित की जाए। साथ ही सेवाकालीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए।

CG Tet News: रायपुर। टीईटी परीक्षा को लेकर टीचर्स एसोएशन ने मांग की है कि 87 हजार शिक्षक टीईटी परीक्षा में बैठे और उन्हें औसत अंक मिले। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि वर्तमान टीईटी परीक्षा परिणाम से सीधे संकेत मिला है कि प्रश्न कठिन स्तर का था, समग्र प्राथमिक शाला स्तर का परिणाम 19% व पूर्व माध्यमिक शाला स्तर का परिणाम 20% ही है। शासन के बिना आदेश- निर्देश के प्राथमिक शाला में कार्यरत सहायक शिक्षकों में से अनुमानतः 68% एवं मिडिल स्कूल के 62% शिक्षकों ने स्वेच्छा से परीक्षा दिया है लेकिन शिक्षकों को औसत रूप से 42 से 52 अंक मिले है जबकि शिक्षकों उत्तीर्णता का स्तर 8% शिक्षको का अनुमान है, इससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय टेट की सीमित परीक्षा के आयोजन पर सहायक शिक्षक व शिक्षक परीक्षा में बैठेंगे व आसानी से परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे।
इसके साथ ही सहायक शिक्षकों ने पदोन्नति हेतु मिडिल स्कूल स्तर के टेट परीक्षा में बड़ी संख्या में उपस्थिति दी है। हाल ही में व्यापम द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परिणामों के विश्लेषण से यह संकेत प्राप्त हो रहा है कि आगामी विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा शिक्षकों के लिए अपेक्षाकृत सरल हो सकती है, क्योकि यह परीक्षा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा व पदोन्नति हेतु आयोजित होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 87 हजार शिक्षकों ने इस टीईटी परीक्षा में भाग लिया था, शिक्षकों के परीक्षा का औसत परिणाम लगभग 42 से 52 प्रतिशत के बीच रहा, जो यह दर्शाता है कि परीक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था। यह परीक्षा प्रतियोगी प्रकृति की थी तथा सेवा में नियुक्ति के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसके कारण प्रश्नों का स्तर भी उच्च रखा गया था।
परीक्षा में सम्मिलित शिक्षकों के अनुभव के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती है, तो उसमें प्रश्न विभागीय कार्यप्रणाली, शैक्षणिक अनुभव एवं व्यवहारिक ज्ञान पर आधारित होंगे, साथ ही, परीक्षा का संचालन स्वयं विभाग द्वारा किए जाने की स्थिति में इसकी प्रकृति अधिक व्यावहारिक एवं संतुलित व समन्वयपूर्ण होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि इस परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों के बीच यह विश्वास बढ़ा है कि विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। शिक्षक समुदाय ने आशा व्यक्त की है कि आगामी परीक्षा का स्वरूप शिक्षकों के अनुभव, दक्षता एवं वास्तविक कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक योग्य शिक्षक पात्रता प्राप्त कर सकें।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश के कार्यरत शिक्षकों के लिए “विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)”आयोजित करने की मांग को शिक्षकों ने उचित बताते हुए शीघ्र परीक्षा आयोजन की शिक्षकों के हित में बताया है।
ज्ञात हो कि डीपीआई ने 13 मार्च 2026 को सभी जेडी व डीईओ को पत्र भेजकर 17 व 18 मार्च तक विभिन्न आयु समूह के शिक्षकों की जानकारी प्रपत्र 1 व 2 में मंगाया है, पूरी जानकारी प्राप्त होने के पश्चात विभाग परीक्षा सम्बन्धी कार्ययोजना तैयार कर परीक्षा सम्बन्धी पुख्ता तैयारी करने में जुट गया है। इस संबंध में टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग तथा संचालक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को पत्र लिखकर शिक्षकों के हित में आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया था, उन्होंने कहा है कि विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा से न्यायालय व शासन की जटिलता दूर होगी।
विगत दिनों छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल डीपीआई के अधिकारियों से मिला था, जहां सहायक शिक्षक व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति तथा टेट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई, डीपीआई अधिकारियों द्वारा भी इस विषय पर एसोसिएशन से विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करने को कहा गया था।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को सुझाव प्रस्तुत करते हुए मांग किया है कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जून एवं जुलाई माह में विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए, जिससे समय रहते शिक्षको की पात्रता से संबंधित जटिलताओं का समाधान हो सके। टेट पात्रता परीक्षा हेतु स्कूल शिक्षा विभाग डीपीआई को जिम्मेदारी देवे, डीपीआई के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में टेट पात्रता परीक्षा हेतु प्रत्येक विकासखंड में आवश्यकतानुसार 5,7 बड़े शालाओं में टेट पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जावे जिसमे शिक्षक सुविधानुसार निकटस्थ शाला में टेट परीक्षा देने हेतु शामिल हो सकते है, बड़े स्तर पर विभागीय टेट परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को टेट पात्रता प्राप्त करना आसान होगा।
संकुल शाला में भी परीक्षा केंद्र बनाकर शीघ्रता से टेट परीक्षा सम्पन्न कराया जा सकता है, एसोसिएशन की यह सोच है कि जिन सहायक शिक्षक व शिक्षकों को सेवा सुरक्षा व पदोन्नति हेतु टेट पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य बताया जा रहा है वे विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा देकर टेट की पात्रता आसानी से प्राप्त कर सकें।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान एवं वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा आयोजित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
एसोसिएशन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं विभागीय स्तर पर संचालित की जाए। साथ ही सेवाकालीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए।
एसोसिएशन ने निम्न प्रावधान निर्धारित करने का प्रस्ताव पेश किया
1- पेपर -l एवं पेपर -II आयोजित किए जाएं।
2- प्रश्न राज्य के कक्षा I–V तथा कक्षा VI–VIII के पाठ्यक्रम एवं सामान्य शैक्षणिक समझ एवं अवधारणाओं पर आधारित हों।
3- कक्षा l - V परीक्षा तथा कक्षा Vl - Vlll परीक्षा में कम से कम 15 दिन का अंतर रखा जावे।
4- शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) आयोजित हों।
5- कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों।
6- परीक्षा अवधि 3 घंटे निर्धारित हों।
7- चूंकि सेवाकालीन शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित होगी, अतः न्यूनतम उत्तीर्णांक 33/100 निर्धारित हों।
उपरोक्त बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक आदेश/निर्देश जारी करने का मांग किया गया है।
