CG Teacher Suspend: नशेड़ी शिक्षक सस्पेंड, सरस्वती पूजन पर नशे में स्कूल आने वाले टीचर पर गिरी निलंबन की गाज, वीडियो हुआ था वायरल...
CG Teacher Suspend: सरस्वती पूजन के दौरान नशे में स्कूल आने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक का नाम बुद्धेश्वर प्रसाद मानिकपुरी है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी ने की है।

CG Teacher Suspend: अंबिकापुर। नशे में स्कूल आने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। सरपंच ने संकुल समन्वयक, संकुल केंद्र को शिक्षक का नशे में स्कूल आते वीडियो सौंपा था, जिसके बाद वीडियो की जांच की गई। जांच में वीडियो को सहीं पाया गया, जिसके बाद सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक बुद्धेश्वर प्रसाद मानिकपुरी को निलंबित कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी, सरगुजा द्वारा विकासखंड लखनपुर अंतर्गत एक शिक्षक के विरुद्ध गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्यवाही की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी लखनपुर द्वारा दिनांक 23 जनवरी 2026 को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत गुमगराखुर्द के सरपंच द्वारा संकुल समन्वयक, संकुल केन्द्र गुमगराखुर्द को एक वीडियो प्रेषित किया गया, जिसमें एक शिक्षक विद्यालय समय के दौरान शराब के नशे की स्थिति में दिखाई दे रहे थे। जांच उपरांत उक्त शिक्षक की पहचान बुद्धेश्वर प्रसाद मानिकपुरी, सहायक शिक्षक, एल.बी. प्राथमिक शाला गुमगराखुर्द (लखनपुर) के रूप में की गई। संकुल समन्वयक द्वारा भी पुष्टि की गई कि संबंधित शिक्षक ने वास्तव में शराब का सेवन किया था। उल्लेखनीय है कि उक्त तिथि को विद्यालय में सरस्वती पूजन का आयोजन भी किया गया था, जिसके दौरान उनका इस प्रकार विद्यालय पहुँचना अत्यंत आपत्तिजनक पाया गया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रतिवेदन एवं दो वीडियो क्लिप के आधार पर यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं नियम-23 के विपरीत तथा कदाचार की श्रेणी में पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी, सरगुजा द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत मानिकपुरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बतौली नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयीन वातावरण की गरिमा, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा शासकीय सेवकों की आचार संहिता के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया
