CG Teacher News: वेतन का संकट: 1600 शिक्षकों के लिए बेरंग हो गया नए साल की शुरुआत, सेजेस के शिक्षकों को नहीं मिली सैलेरी, फांके में गुजर रहा दिन.....
CG Teacher News: छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना में से एक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी व हिंदी माध्यम स्कूलों का संचालन रहा है। सेजेस के सफलतापूर्वक संचालन के लिए सरकारी कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। 1600 ऐसे शिक्षक हैं जिनका नया साल बेरंग ही रहा। इन शिक्षकों व प्रतिनियुक्ति पर गए सरकारी कर्मचारियों को सैलेरी नहीं मिल पाई है। शिक्षकों व कर्मचारियों का दिन फांके में गुजर रहा है।

CG Teacher News:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना में से एक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी व हिंदी माध्यम स्कूलों का संचालन रहा है। सेजेस के सफलतापूर्वक संचालन के लिए सरकारी कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। 1600 ऐसे शिक्षक हैं जिनका नया साल बेरंग ही रहा। इन शिक्षकों व प्रतिनियुक्ति पर गए सरकारी कर्मचारियों को सैलेरी नहीं मिल पाई है। शिक्षकों व कर्मचारियों का दिन फांके में गुजर रहा है।
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के अमूमन सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय का संचालन प्रारंभ किया है। हिंदी व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के अलावा अंग्रेजी कॉलेज का भी संचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 34 सेजेस शाला के रूप में उत्कृष्ट विद्यालय अंग्रेजी और हिंदी माध्यम की संचालित किया जा रहा है। इन विद्यालयों में संविदा और प्रतिनियुक्ति के कर्मचारी कार्यरत हैं।
दिसंबर माह बीत जाने के बाद आवंटन नहीं होने के कारण शालाओं का बिल वापस नहीं हो रहा है। कर्मचारियों के बैंक लोन लंबित हो रहा है, स्वास्थ्य सुविधा व अन्य आवश्यकता लंबित हो रहा है। आवंटन 15 से 20 तारीख को उपलब्ध कराने की सूचना शालाओं को दी जाती है, तब जाकर शालाओं के द्वारा वेतन बनाया जाता है और वेतन को बैंक में जमा किया जाता है। जानकारी के अनुसार पर्याप्त आवंटन नहीं होने के कारण बिलासपुर जिले में सेजेस के कर्मचारियों व शिक्षकों को दिसंबर महीने की सैलेरी नहीं मिल पाई है। बिलासपुर जिले में तकरीबन 1600 शिक्षकों को वेतन नही मिला है, जिसमें 1250 के करीब प्रतिनियुक्ति के शासकीय कर्मचारी भी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि डीपीआई और शिक्षा सचिव स्तर पर इस संबंध में ज्ञापन देने के साथ ही चर्चा भी कर चुके हैं। अफसरों से आग्रह किया है कि जब स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा ही प्रतिनियुक्ति और संविदा के कर्मचारियों को वेतन हेतु आवंटन दिया जाता है तो आबंटन प्रणाली को समाप्त कर पूर्ववत ट्रेजरी से वेतन भुगतान की व्यवस्था की जाए, विशेषकर प्रतिनियुक्ति में कार्यरत कर्मचारी शासकीय सेवक होते हैं और उनका वेतन पहले से ही विभाग के नियमित हेड से निकलता रहा है। संविदा के कर्मचारियों के लिए वर्ष भर के आवंटन की व्यवस्था एकमुश्त की जा सकती है। लेकिन विभाग ने अब तक इस संबंध में निर्णय नहीं लिया। इसके चलते अब शिक्षकों को वेतन मिलना मुश्किल हो रहा है, इस संबंध में शिक्षा विभाग को पहल करते हुए कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान हो इसकी व्यवस्था किया जाना चाहिए।
