CG Teacher News: शिक्षकों की मांग को लेकर संयुक्त शिक्षक संघ ने संयुक्त संचालक पेंशन से की मुलाकात, शिक्षकों के इन मांगों पर हुई खुलकर चर्चा
CG Teacher News: संयुक्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल गिरिजाशंकर शुक्ला की अगुवाई में संयुक्त संचालक पेंशन, कोष एवं लेखा से मुलाकात की।

31 जनवरी 2026: बिलासपुर। संयुक्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल गिरिजाशंकर शुक्ला की अगुवाई में संयुक्त संचालक पेंशन, कोष एवं लेखा मुलाकात की। मुलाकात के दौरान संयुक्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के वेतन सत्यापन, पेंशन प्रकरण व ट्रेजरी में लंबित बिलों के शीघ्र निराकरण की मांग की। जेडी ने पदाधिकारियों को सभी मांगों के जल्द निराकरण को लेकर आश्वस्त किया।
शिक्षकों की समस्याओं को लेकर संयुक्त शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल उप प्रांताध्यक्ष गिरिजाशंकर शुक्ला की अगुवाई में संभागीय कार्यालय पेंशन, कोष एवं लेखा, कंपोजिट बिल्डिंग बिलासपुर पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त संचालक नित्यानंद सिन्हा एवं उपसंचालक तिर्की से मुलाकात कर साझा चर्चा की। उप प्रांताध्यक्ष शुक्ला ने शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण का सत्यापन, पेंशन प्रकरणों के निराकरण और ट्रेजरी में लंबित बिलों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने दोनों अफसरों को बताया कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण का सत्यापन की प्रक्रिया बेहद जटिल है। सत्यापन की धीमी गति के कारण हजारों शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण का अब तक सत्यापन नहीं हो पाया है। इससे शिक्षकों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है।
प्रतिनिधि मंडल ने अफसरों को बताया कि अमूमन सभी विकासखंडों में शिक्षकों की संख्या सैकड़ों में है। ऐसी स्थिति में जिला या संभाग स्तर पर सत्यापन करना व्यवहारिक नहीं है। प्रतिनिधि मंडल ने विकासखंड स्तर पर खंड स्तरीय शिविर आयोजित करने का सुझाव अधिकारियों को दिया और इसी तरह के शिविर में सत्यापन कराने की मांग की।
इन मुद्दों पर दिलाया ध्यान
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि रिटायरमेंट होने वाले शिक्षकों के पेंशन प्रकरण का समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों को महीनों दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं। सेवानिवृत शिक्षकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए पेंशन प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से प्राथमिकता के आधार पर निपटारे की मांग की।
सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद भी ट्रेजरी में शिक्षकों के बिल को अनावश्यक रोका जाता है। इसके चलते शिक्षकों के वेतन और एरियर के भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है।
