CG Teacher News: प्राचार्य निलंबित: स्कूल में शैक्षणिक गुणवत्ता का पाया गया निम्न स्तर, प्राचार्य हुईं निलंबित

Aligarh RTO and RI suspended
X

इमेज सोर्स- NPG News

CG Teacher News: स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान स्कूल में विद्यार्थियों का शैक्षणिक गुणवत्ता स्तर निम्न मिला था। जिसके चलते प्राचार्य को निलंबित किया गया है।

CG Teacher News: रायपुर। स्कूल शिक्षा सचिव के निरीक्षण के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक गुणवत्ता निम्न स्तर का पाया गया। जिसके चलते प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है।

स्कूल शिक्षा सचिव के द्वारा 31 जनवरी 2025 को पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय गरियाबंद का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्कूल में उपस्थित छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक गुणवत्ता निम्न स्तर का पाया गया साथ ही कक्षा 12वीं में अध्यनरत छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं था। शाला में साफ सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। फर्नीचर भी अस्त व्यस्त था।

स्कूल में पर्याप्त रूम उपलब्ध होने के बावजूद प्रयोगशाला एक ही कक्ष में संचालित किया जा रहा था। प्रायोगिक कार्य हेतु उपलब्ध सामग्री गुणवत्ता विहीन एवं खराब अवस्था में पाई गई।

वंदना पांडे प्राचार्य स्वामी आत्मानंद हिंदी मध्य विद्यालय गरियाबंद द्वारा स्कूल संचालन में अपने दायित्व निर्वहन एवं पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही,अनुशासनहीनता परिलक्षित होती है। वंदना पाण्डेय का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन के विपरीत गंभीर कदाचार है।

इसलिए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत प्राचार्य पीएम श्री स्वामी आत्मानंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर नियत किया गया है।

9 माह बाद निलंबन पर सवाल

जारी आदेश में स्पष्ट है कि 31 जनवरी को सचिव के आकस्मिक निरीक्षण में स्कूल में खामियों और शैक्षणिक गुणवत्ता का निम्न स्तर पाया गया था। जिसके 9 माह बाद अक्टूबर माह में निलंबन की कार्यवाही हुई है। इसमें सवाल यह उठ रहे हैं कि जब जनवरी में खामियां पाई गई तो निलंबन के लिए 9 माह की देरी क्यों लग गई। प्राचार्य का निलंबन शासन स्तर पर होता है और शासन स्तर के अधिकारी के द्वारा ही निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के तत्काल बाद भी निलंबन की कार्रवाई की जा सकती थी। जिला स्तर पर कोई खामियां पाई जाती है तो कार्यवाही का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा जाता है तब यदि देरी होती है तो बात समझ में भी आती है। पर जब शासन स्तर से ही निरीक्षण हुआ था तो फिर निलंबन में देर क्यों हुई? तत्काल भी निलंबित कर नए प्राचार्य की नियुक्ति कर व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकता था। पर पिछला पूरा शैक्षणिक सत्र खत्म होने के बाद इस सत्र में निलंबन की कार्यवाही पर विभाग में चर्चा है।



Tags

Next Story