CG Teacher News : DEO ने नियमों को रखा ताक पर:दागी को बना दिया बीईओ ,कलेक्टर, सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में हुई थी एफआईआर
CG Teacher News : कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के हस्ताक्षर स्कैन कर भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित तत्कालीन समन्वयक व बीईओ रहते युक्तियुक्तकरण में गड़बड़ी के आरोप में जिन्हें निलंबित किया था, डीईओ ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर बीईओ की जिम्मेदारी दी दी है।

CG Teacher News: जांजगीर। जांजगीर– चांपा जिले में दागी लेक्चरर को बीईओ बनाने का मामला सामने आया है। डीईओ ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर दागी व्याख्याता को बीईओ बना दिया है। जिसे बीईओ बनाया गया है उन पर पहले भी कलेक्ट व जिला पंचायत सीईओ के फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान कराने जैसे गंभीर आरोपों पर एफआईआर दर्ज किया गया था। युक्तियुक्तकरण में गड़बड़ी करने पर उन्हें निलंबित किया गया था।
महेंद्र धर दीवान प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर विकासखंड पामगढ़ को नवागढ़ ब्लॉक का बीईओ बनाया गया है। डीईओ जांजगीर ने सात जनवरी को आदेश जारी कर महेंद्रधर दीवान को नवागढ़ बीईओ की जिम्मेदारी दी है। नवागढ़ के बीईओ का अन्य जिले में स्थानांतरण के बाद यहां बीईओ का प्रभार एबीईओ देख रहे थे। उनकी जगह महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ विकासखंड का प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें आगामी आदेश पर्यंत वित्तीय प्रभार के साथ ही प्रशासनिक कार्यों का सुचारू रूप से संचालन का दायित्व सौंपा गया है।
फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण में एफआईआर
वर्ष 2016 में महेंद्रधर दीवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था। तब राजीव गांधी शिक्षा मिशन में समन्वयक के पद पर पदस्थ थे। ठेकेदार राजेश अग्रवाल को 2 सितंबर 2015 को 2 करोड़ 30 लाख रुपए के अनियमित भुगतान के मामले में उन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। उक्त प्रकरण में समन्वयक प्रमोद आदित्य,विनोद कुमार शर्मा,शेख रफीक,विवेक यादव,पंकज विक्रम को भी ठेकेदार सहित दोषी पाया गया था।
एडीएम की जांच रिपोर्ट में यह सब
प्रकरण की जांच अपर कलेक्टर द्वारा की गई थी। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में महेंद्र धर दीवान, प्रमोद आदित्य तथा उनके कार्यालय में कार्यरत एपीसी विनोद कुमार शर्मा, ऑपरेटर शेख रफीक,विवेक यादव एवं पंकज विक्रम ने मिलकर तत्कालीन कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जांजगीर– चांपा का हस्ताक्षर नोटशीट में स्कैन कर आपस में मिलीभगत कर फर्जी ढंग से ठेकेदार राजेश अग्रवाल को भुगतान करने की।पुष्टि की गई है।
जिला मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन के द्वारा स्कूलों के विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जिला जांजगीर चंपा को कार्य एजेंसी बनाया गया था। कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर को 501 शाला भवनों के विद्युतीकरण के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई थी। जिसमें से 349 शाला भवनों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करवाया गया। सक्ती के 43 शाला भवनों में बार बार नोटिस देने के बावजूद भी ठेकेदार ने कार्य पूर्ण नहीं करवाया। विकासखंड जैजैपुर के 57 स्कूलों में करवाए गए कार्यों में कई स्कूलों में गुणवत्ताहीन कार्य करवाए गए थे जिसे सुधार नहीं करवाया गया। शेष कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण 100 भवनों में विद्युतीकरण की राशि 30 लाख वापस किया गया। विभिन्न विकासखंड के 52 शाला भवनों में विद्युतीकरण करवाए जाने के उपर्युक्त स्थिति यथासंभव नहीं होना,पूर्व में विद्युतीकरण होना एवं जर्जर भवन होना इत्यादि के कारण से 15 लाख 60 हजार रूपये वापस किया गया।
विभाग की स्वीकृति के बिना ठेकेदार ने किया काम
विभाग द्वारा राजीव गांधी शिक्षा मिशन को 152 शाला भवनों की कुल 45 लाख 60 हजार रुपए राशि वापस की गई। कार्य निरस्तीकरण की सूचना भी ठेकेदार को दे दी गई थी। बावजूद इसके ठेकेदार ने कार्य करके बिल जमा कर दिया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के सब इंजीनियर ने इसका मूल्यांकन कर दिया। इसके बाद जिला मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ महेंद्रधर दीवान और उनके ऑपरेटर तथा स्टाफ ने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के हस्ताक्षर स्कैन कर ठेकेदार को भुगतान हेतु चेक जारी करवा दिया। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ कार्यालय के द्वारा जांजगीर कोतवाली थाने में प्रमोद कुमार आदित्य,महेन्द्र धर दीवान,विनोद शर्मा, शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम,राजेश अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में एफआईआर क्रमांक 519/16 धारा 120 बी,34,420,409 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभCG News, CG News In Hindi, CG News NPG, NPG News, CG Breaking, CG Latest News, CG Taja Khabar की गई। जिसमें महेंद्रधर दीवान ने गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
बीईओ की पोस्टिंग शासन स्तर पर
बीईओ की पोस्टिंग का अधिकार राज्य सरकार का होता है। स्कूल शिक्षा विभाग बीईओ की पोस्टिंग करता है। डीईओ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बीईओ की पदस्थापना कर डाली। डीईओ अशोक सिन्हा पर सहायक ग्रेड तीन से सहायक ग्रेड दो की पदोन्नति उपरांत काउंसलिंग की बजाय सीधे पदोन्नति देने और शासन के अटैचमेंट नहीं देने के निर्देशों के खिलाफ दो व्याख्याताओं को अटैचमेंट देने की भी शिकायत है।
