CG सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जमानत, देर शाम जेल से हुए रिहा, देखें वीडियो....

CG सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जमानत, देर शाम जेल से हुए रिहा, देखें वीडियो....
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CG Soumya Chaurasia and KK Srivastava: छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जमानत मिल गई है। देर शाम दोनों को सेन्ट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है।

CG Soumya Chaurasia and KK Srivastava: रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जेल से रिहा कर दिया गया है। दोंनों को कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने दोनों को पासपोर्ट जमा करने और हर पेशी में पेश होने के निर्देश दिए है। इससे पहले आज ही एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने 9वां पूरक चालान पेश किया था।

जानिए मामला

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, रायपुर में शराब घोटाला प्रकरण में अपराध क्रमांक 04/2024, धारा 7, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 यथा संशोधित अधिनियम, 2018 तथा धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भा.दं.वि. सर्ज है। आज 8 अप्रैल को विशेष न्यायालय में तीन गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध 9वां पूरक चालान पेश किया।

आरोपी देवेन्द्र डडसेना, जो राजीव भवन का पुराना एकाउंटेंट रहा है, के संबंध में विवेचना के दौरान यह प्रमाणित हुआ है कि उसके द्वारा शराब घोटाले तथा अन्य स्रोतों से एकत्र की गई। अवैध राशि को राजीव भवन में प्राप्त करने सुरक्षित रखने तथा निर्देश पर आगे भेजने जैसे कार्य किए गए। इस प्रकार उसने आपराधिक षड़यंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सिंडिकेट को सहयोग प्रदान किया।

इसी प्रकार कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ के.के. श्रीवास्तव के संबंध में यह प्रमाणित हुआ है कि उसने जानबूझकर सिंडिकेट के अवैध उगाही तंत्र के माध्यम से षड़यंत्रपूर्वक किए गए इस बड़े आर्थिक अपराध में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके द्वारा अवैध नगद राशि के उठाव, एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने, उसके व्यवस्थापन, संभावित निवेश व खपाने तथा अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित करने जैसी गतिविधियों में सहभागिता की गई, जिससे वह इस संगठित अपराध का हिस्सेदार बना।

तत्कालीन उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ है कि उसने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग किया। सौम्या ने शराब घोटाला सिंडिकेट को संरक्षण, समन्वय, प्रशासकीय सुविधा व समर्थन प्रदान किया। साथ ही अपराध में उसकी सक्रिय संलिप्तता, अवैध लाभ प्राप्त करने तथा षड़यंत्र के माध्यम से शासन के राजस्व को अपूर्णीय क्षति पहुंचाने वाली भूमिका प्रमाणित हुई है।

प्रकरण में पूर्व से अभियोजित अन्य अभियुक्तगण, संलिप्त शासकीय, अशासकीय एवं राजनैतिक व्यक्तियों तथा संबंधित संस्थाओं, फर्मों एवं कंपनियों के विरुद्ध विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पृथक से अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।



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