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CG SECR News: CBI ने एसईसीआर के चीफ इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया केस

CG SECR News:: सीबीआई ने एसईसीआर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चीफ इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। चीफ इंजीनियर पर आरोप है कि रेलवे में काम दिलाने के एवज में ठेकेदार से बतौर कमीशन भारी भरकम राशि वसूल किया था।

CG SECR News: CBI ने एसईसीआर के चीफ इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया केस
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By Radhakishan Sharma

CG SECR News: बिलासपुर। सीबीआई ने एसईसीआर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चीफ इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। चीफ इंजीनियर पर आरोप है कि रेलवे में काम दिलाने के एवज में ठेकेदार से बतौर कमीशन भारी भरकम राशि वसूल किया था।

CBI ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर SECR के तत्कालीन चीफ इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि जांच अवधि के दौरान उनकी वैध आय की तुलना में तकरीबन 48.42 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की गई है। सेवा के दौरान उनकी कुल वैध आय 1.11 करोड़ रुपए थी, इसमें से 83.06 लाख रुपए खर्च किए, उनके पास बचत के तौर पर 28.81 लाख रुपए होनी थी, जांच के दौरान 83 लाख रुपए से अधिक मिले। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

सीबीआई ने बीते साल मार्च में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद, उनके भाई कुनाल आनंद, झांझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के एमडी सुशील झांझरिया और कर्मचारी मनोज पाठक को रेलवे टेंडर और वर्क ऑर्डर में अनुचित लाभ पहुंचाने के एवज में 32 लाख की रिश्वत के लेनदेन के आरोप में गिरफ्तार किया था। बड़े निर्माण कायों के बदले ठेके को रेल अफसरों और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ चल रही है। जांच में खुलासा हुआ कि चीफ इंजीनियर विशाल आनंद ने झांझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के लंबित मामलों को निपटाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की यह रकम रांची स्थित इंजीनियर के पैतृक निवास पर दी जानी थी। एमडी सुशील झांझरिया ने अपने कर्मचारी मनोज पाठक को पैसे देने भेजा था, जबकि इंजीनियर की ओर से उनका भाई कुनाल आनंद रकम लेने पहुंचा था। सीबीआई ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर झारखंड के रांची में फ्लैट और प्लाट है। विभिन्न बैंकों में बचत खाते और एफडी के अलावा बीमा पॉलिसी और अन्य वित्तीय निवेश मौजूद हैं। इन सभी को मिलाकर 54.18 लाख रुपए की संपत्ति को आय से अधिक माना गया है।

सीबीआई की जांच रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2022 को विशाल आनंद के पास 97.92 लाख रुपए की संपत्ति थी। 25 अप्रैल 2025 तक यह बढ़कर 1.80 करोड़ रुपए से अधिक हो गई। जांच अवधि में कुल आय 1.11 करोड़ और खर्च 83.06 लाख रुपए रहा, यानी 28.81 लाख की बचत। इसके बावजूद 83 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति अर्जित की गई, जो घोषित आय और बचत से मेल नहीं । खाती

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता सीबीआई के इंस्पेक्टर राजेश कुमार मीना हैं। सीबीआई ने मामले में 1 अप्रैल 2022 से 25 अप्रैल 2025 तक जांच की। इस दौरान आरोपी के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई, जिसमें 18.5 लाख रुपए नकद, बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसी और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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