ये है स्वच्छता मिशन: एक ही विधानसभा क्षेत्र में 53 स्कूलों के शौचालय अनुपयोगी, 12 स्कूलों में शौचालय ही नहीं
Swachh Bharat Mission: छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग में स्वच्छता मिशन का डिब्बा गोल होता दिख रहा है। जिन स्कूलों में स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं शौचालयों की हालत दयनीय है। आदिवासी इलाके के केवल एक विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट आयी है, वह भी चौंकाने वाली है। हाल यह है कि 53 स्कूलों के शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, जबकि दर्जनभर स्कूलों में अब तक शौचालय नहीं बना है।

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रायपुर। 30 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने खुद ही सरगुजा संभाग के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों की एक रिपोर्ट जारी की है। यह विधानसभा क्षेत्र आदिवासी इलाका है और विधायक राजकुमार टोप्पो सत्तारुढ़ पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों के शौचालयों के हाल पर जारी विभागीय रिपोर्ट ने स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़ा कर दिया है। जिन स्कूलों में बच्चे- बच्चियां जा रही हैं, वहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है। विधानसभा क्षेत्र के 65 स्कूल ऐसे हैं, जहां शौचालय नारकीय हालत में है। ये सभी स्कूल बतौली और सीतापुर विकासखंड में आते हैं।
रिपोर्ट में स्कूलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। एक में उन स्कूलों को रखा गया है, जहां शौचालय तो हैं, मगर उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। मतलब शौचालय अनुपयोगी हैं। जबकि दूसरी श्रेणी में उन स्कूलों के नाम हैं, जहां शौचालय का निर्माण नहीं किया जा सका है। जिन स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, उनमें बतौली विकासखंड के प्राथमिक शाला उमापुर, अहीरारा, जुताडांड, तराइडाड, चॉवरपानी, कदहुआ के प्राथमिक और मिडिल स्कूल, सीतापुर विकासखंड के प्राथमिक स्कूल खडदोरना, पंडरपाठ, कठबुड़ा, मिडिल स्कूल भवराडांड और पेटला शामिल हैं। इसी तरह जिन स्कूलों में अनुपयोगी शौचालय हैं, उनमें बतौली विकासखंड के प्राथमिक स्कूल परसाढाब, लगरूपारा, कुकुरढोढी, शिवपुर, बेलकोटा, गहिला, नावापारा, चिरंगा, लैगु, सेदन, नयाबांध, महेशपुर, घुटरीपारा पटेलपारा, तेर्लाधार, छोटेपुटुकेला, जुनापारा, चिपरकाया, सेनरिहा, घुटियापहरी, बाघपानी, सरकहवा, कोरकोटपारा, नवापारा, मिडिल स्कूल नवापारा, सेदम, पथरई, अहीरपारा, सुवारपारा, सरनना, नयाबांध, छोटेपुटुकेला, डुमरभावना, बाधपानी, मूर्ताडांड, हाईस्कूल तलईधार, प्राथमिक स्कूल गौहडीपारा, बेनई, पखनापारा, पनिकापारा, घुरुवाबुडा, फुदकीडिहारी, कन्या आश्रम सीतापुर, प्राथमिक स्कूल बखरीपारा, बैगापारा, कुनमेरा, पंडरीपानी, मिडिल स्कूल सूर, कुनमेरा खास, ढोढागांव ठेठेटांगर, बंशीपुर, सहनपुर और मिठवा।
2024 से चल रहा शौचालय निर्माण, अब तक अधूरा
दूसरी ओर राज्य सरकार ने बजट देकर आत्मानंद स्कूलों में शौचालय निर्माण करने को कहा था। दिलचस्प बात यह है कि 2024 से अब तक इन स्कूलों में शौचालय निर्माण की प्रक्रिया चल ही रही है, कहीं से पूर्ण होने की रिपोर्ट नहीं आयी है। लोक शिक्षण संचालनालय की रिपोर्ट के अनुसार कोरिया के स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय खरवत, सरगुजा के धौरपुर, केशवपुर, साहगा, नारायणपुर के स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल कोडकामेटा, पीएम श्री सेजेस बालक खैरागढ़, सेजस मनेंद्रगढ़ और सक्ति के सेजेस नया बाराद्वार में कुछ 11 शौचालयों के निर्माण का आदेश दिया गया था। इनमें से केवल मनेंद्रगढ़ में तीन शौचालयों का निर्माण पूर्ण बताया गया है। बाकी जगह या तो निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर है अथवा निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शौचालय जैसे छोटे निर्माण के लिए दो साल भी कम पड़ गए हैं।
