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CG Rajyasabha Election: कांग्रेस में बाहरी प्रत्याशी का विराेध रंग लाया, जानिए फूलोदेवी नेताम क्यों हुई रिपीट

CG Rajyasabha Election: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की एक सीट के लिए वर्तमान राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम को रिपीट कर दिया गया है। इससे पहले कांग्रेस के विधायकों ने राज्यसभा से बाहरी प्रत्याशी को भेजने का विरोध किया था। उनकी बात मानी गई और आलाकमान ने लोकल प्रत्याशी पर ही मुहर लगाई है।

CG Rajyasabha Election: कांग्रेस में बाहरी प्रत्याशी का विराेध रंग लाया, जानिए फूलोदेवी नेताम क्यों हुई रिपीट
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By Ragib Asim

रायपुर। राज्यसभा की एक सीट की हलचल के बीच अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी रायपुर दौरे पर थे। हालांकि वे एक कार्यक्रम में आए थे, मगर माना जा रहा है कि वे राज्यसभा की संभावना टटोल रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुछ विधायकों ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि राज्यसभा के लिए लोकल नाम पर ही विचार किया जाए। बाहरी का विरोध करने वालों में कुछ आदिवासी और सामान्य वर्ग के विधायक शामिल थे। अभी राज्यसभा में दो बाहरी राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन हैं। तीसरे केटीएस तुलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।


पार्टी सूत्रों का कहना है कि फूलोदेवी नेताम खेमेबाजी से बच कर रहने की कोशिश करती रही हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का भी संरक्षण प्राप्त है। संगठन को भी उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं होगी। खास बात यह है कि चरणदास महंत खुद भी अनेक बार राज्यसभा जाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं और माना जा रहा था कि इस बार वे फिर जोर लगा सकते हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि महंत के जोर लगाने पर भी उन्हें राज्यसभा भेजने में कई तरह की दिक्कतें थीं और इस कारण प्रदेश संगठन या आलाकमान से सहमति मिलनी मुश्किल थी।

महंत के जाने से सक्ती विधानसभा सीट खाली होती, जबकि कांग्रेस विधायक दल की संख्या वैसे ही कम होकर 35 है। सीट खाली होने पर उपचुनाव में सीट वापस कांग्रेस को मिलती, इसकी गारंटी नहीं थी। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी राज्यसभा की दावेदारी के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कहीं से उनका नाम चलता नजर आया। यह जरुर था कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, अमर जीत भगत और मोहन मरकाम आदिवासी कोटे से जाने पर जोर लगा रहे थे।

भाजपा ने ओबीसी से लक्ष्मी वर्मा को टिकट दिया तो यह सवाल जरुर खड़ा हुआ था कि क्या कांग्रेस भी ओबीसी कार्ड पर जाएगी। इसके विपरीत कांग्रेस ने आदिवासी को महत्व दिया है। आदिवासी कोटे में जाने के बाद भी कांग्रेस ने महिला पर ही भरोसा किया है। अभी लोकसभा में छत्तीसगढ़ से एकमात्र महिला ज्योत्सना महंत कोरबा सीट से गई हैं। इस तरह कांग्रेस की दोनों सांसद महिलाएं हैं।

संसद में दमदार हाजिरी-

खास बात यह है कि बतौर राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम ने संसद में अपनी गतिविधि अच्छी रखी है। एक जिम्मेदार सांसद के रूप में हर सत्र में अधिक से अधिक समय तक न केवल हाजिर रहीं, बल्कि मुद्दे भी उठाती रहीं। वर्तमान बजटसत्र में वे बैठक दिवस में पूरे सौ प्रतिशत हाजिर रही हैं। इसी तरह मानसून सत्र 2025, 18वीं लाेकसभा के पहले सत्र और शीतकालीन सत्र 2024 में उनकी हाजिरी सौ प्रतिशत रही। इसके अलावा बीच- बीच में मानसून सत्र 2023, शीतकालीन सत्र 2022 में उनकी हाजिरी शतप्रतिशत दर्ज की गई है। सेना में बंगाल रेजीमेंट, उड़ान योजना, केंद्रीय योजनाओं में महिलाओं की अग्रिम पंक्ति के रिक्त पदों, कर्ज में डूबे किसानों, विदेश में बस चुके बच्चों के अकेले बुजुर्ग नागरिकों की उपेक्षा व असुरक्षा जैसे मुद्दे उन्होंने संसद में उठाए हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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