CG Obscene Dance: रेस्ट हॉउस में अश्लील डांस: वन विभाग ने उठाया ये कदम, पढ़िये पीसीसीएफ ने क्या जारी किया निर्देश
CG Obscene Dance: सूरजपुर वन मंडल अंतर्गत आने वाले वन विभाग के रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का मामला सामने आने पर वन विभाग की हुई किरकिरी के बाद पीसीसीएफ ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने वन विभाग के सभी रेस्ट हाउस और निरीक्षण कुटीरों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने और इसका प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए हैं।

CG Obscene Dance: रायपुर। सूरजपुर जिले के सूरजपुर वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले कुमेली वाटर फॉल स्थित वन विभाग के सरकारी रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का मामला सामने आने के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मच गया था। इस मामले में डिप्टी रेंजर और फारेस्टर को निलंबित कर रेंजर को नोटिस जारी किया गया है। अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पीसीसीएफ श्रीनिवास राव ने ऐहतियातन कदम उठाते हुए सभी मुख्य वन संरक्षकों और वनमण्डलाधिकारियों को वन निरीक्षण कुटीरों और वन विश्राम गृहों में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने के निर्देश जारी किए है।
पिछले दिनों कुमेली रेस्ट हाउस की घटना सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया था। वहीं वन विभाग के अंदरूनी क्षेत्र के रेस्ट हाउस या निरीक्षण कुटीरों में किसी भी तरह के अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए पीसीसीएफ ने ऐहतियातन कदम उठाए हैं। पीसीसीएफ ने सभी वन संरक्षकों से डीएफओ को अपने यहां के रेस्ट हाउस में जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरा लगवाने और इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।
रसूखदारों की हरकतों पर लगेगी लगाम
अक्सर देखा जाता है कि रसूखदार लोग अपने रसूख के चलते अधिकारियों या नेताओं से रेंजरों पर दबाव बना कर रेस्ट हाउस बुक कर लेते है। जंगल अंदर के अंदरूनी वनक्षेत्रों में रेस्ट हाउस बुक कर आउटिंग और नाइट स्टे के नाम से पिकनिक मनाने जा वहां शराबखोरी और अन्य अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते है। शहर से दूर होने की वजह से तेज आवाज में स्पीकर बजाते है और खुलेआम शराबखोरी होती है। जिस पर विभाग के फॉरेस्ट गार्ड और चौकीदार जैसे छोटे कर्मचारी लगाम नहीं लगा पाते। सीसीटीवी लगने से इन सब पर रोक लगेगी।
यह हैं पीसीसीएफ के पत्र में...
राज्य के विभिन्न वन निरीक्षण कुटीर एवं वन विश्राम गृहों में अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आगंतुकों का निरंतर आवागमन होता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु निरीक्षण के दौरान उपयोग के लिए किया गया है। सुरक्षा, अनुशासन, संपत्ति संरक्षण एवं किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति की रोकथाम के दृष्टिगत यह आवश्यक प्रतीत होता है कि इन परिसरों में उपयुक्त स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किए जाएं।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत स्थित समस्त वन निरीक्षण कुटीर एवं वन विश्राम गृहों का परीक्षण कर प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, पार्किंग, कॉरिडोर एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाए जाने की कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कैमरों की नियमित निगरानी, रिकॉर्डिंग की सुरक्षित व्यवस्था एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित हो। वन विश्राम गृह एवं निरीक्षण कुटीरों में ठहरने वाले व्यक्तियों के पहचान पत्र (आधार कार्ड) का अनिवार्य रूप से संधारण सह रजिस्टर पर लेख किया जाए।
भविष्य में वन निरीक्षण कुटीर एवं वन विश्राम गृहों में अनाधिकृत प्रवेश की घटना संज्ञान आता हैं तो संबंधित वन विश्राम गृह एवं निरीक्षण कुटीर में पदस्थ परिक्षेत्र अधिकारी एवं अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा एवं शासकीय गरिमा बनाए रखने के दायित्व का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
इतने रेस्ट हाउस और निरीक्षण कुटीर है प्रदेश में
- रायपुर - 9 रेस्ट हाउस - 15 निरीक्षण कुटीर
- दुर्ग-7 रेस्ट हाउस - 13 निरीक्षण कुटीर
- बिलासपुर - 19 रेस्ट हाउस - 21 निरीक्षण कुटीर
- कांकेर - 8 रेस्ट हाउस - 13 निरीक्षण कुटीर
- सरगुजा - 10 रेस्ट हाउस - 17 निरीक्षण कुटीर
- जगदलपुर - 6 रेस्ट हाउस 7 निरीक्षण कुटीर
