CG News: साध्वी प्रज्ञा की बहन उपमा बिलासपुर में रहती हैं, पढ़िये कोर्ट के फैसले पर क्या सनसनीखेज आरोप लगाया

CG News: साध्वी प्रज्ञा की बहन उपमा बिलासपुर में रहती हैं, पढ़िये कोर्ट के फैसले पर क्या सनसनीखेज आरोप लगाया
X

CG News

CG News: मालेगांव विस्फोट में बरी होने वाली साध्वी प्रज्ञा सिंह की बहन ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कोर्ट का फैसला आने के बाद मध्यप्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को घेरा है। वे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहती हैं।

CG News: बिलासपुर। मालेगांव विस्फोट केस का फैसला 17 साल बाद आया है। इसमें पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सात को बाइज्जत बरी कर दिया गया है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रज्ञा सिंह की बहन उपमा सिंह ने कहा है कि केस के अपराधियों को मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पहले ही छोड़ दिया था। मीडिया से बातचीत में प्रज्ञा सिंह की रिहाई पर उन्होंने कहा कि न्याय की जीत हुई है।

उपमा ने कहा कि मालेगांव विस्फोट के बाद अपराधियों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अफसरों को कह कर गिरफ्तार लोगों को छोडऩे का आदेश दे दिया था। उन्होंने कहा कि 17 साल पहले ही सच सामने आ चुका था और विस्फोट किसने व क्यों किया, यह भी पता चल चुका था। उपमा ने दावा किया कि एक पुलिस अधिकारी ने अपनी किताब में इस घटनाक्रम का जिक्र किया है। इसमें लिखा गया है कि मालेगांव मामले में जिन्हें पकड़ा गया था, उन्हें छोडऩे का आदेश सरकार ने दिया था। यह भी सरकार की ओर से कहा गया था कि दूसरे को पकड़ लेंगे। उन्होंने कहा कि मालेगांव मामले में सच की जीत हुई है।

उपमा ने कहा कि इस फैसले ने माता- पिता की याद ताजा कर दी है। शायद उनके भाग्य में यह फैसला सुनना मंजूर नहीं था। उन्होंने कहा कि बहन प्रज्ञा की गिरफ्तारी के बाद पिता तनाव में रहे और इसी वजह से लकवा हो गया था। यही उनकी मौत का कारण बन गई। माता को भी बड़ी चिंता थी और हार बार कोर्ट में पेशी पर जाने पर उम्मीद रहती थी कि कभी तो न्याय मिलेगा।

प्रताडऩा से प्रज्ञा की हड्डी टूटी-

उपमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में पुलिस की प्रताडऩा से ही प्रज्ञा बुरी तरह जख्मी हुई है। उनकी रीढ़ की हड्डी को चोट पहुंची है और अब वे बिना सहारा नहीं चल सकतीं।

अच्छे दिनों की भरपाई कैसे होगी-

उपमा ने कहा कि भले ही प्रज्ञा को न्याय मिल गया है, मगर उनको और परिवार को जो यातना 17 साल तक झेलनी पड़ी है, उसकी भरपाई कैसे होगी। उन्होंने कहा कि बीत गए अच्छे दिन वापस तो लौट नहीं सकते।

Tags

Next Story