CG News: कहीं हाथियों ने रौंदी फसल, तो कहीं बंदर ने लोगों को काटकर किया घायल..इन जिलों में जंगली-जानवरों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
Jungli Janwaro Ka Aatank: कोरबा: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक (Jungli Janwaro Ka Aatank) देखने को मिल रहा है। कोरबा में जहां हाथियों ने उत्पात मचाया है तो वहीं जशपुर में बंदर का आतंक देखने को मिला है। जिससे लोगों में गुस्सा और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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Jungli Janwaro Ka Aatank: कोरबा: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक (Jungli Janwaro Ka Aatank) देखने को मिल रहा है। कोरबा में जहां हाथियों ने उत्पात मचाया है तो वहीं जशपुर में बंदर का आतंक देखने को मिला है। जिससे लोगों में गुस्सा और दहशत का माहौल बना हुआ है।
हाथियों ने फसलों को कुचला
पहला मामला कोरबा का है। यहां हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हथियों ने किसानों की फसलों को कुचलने के साथ ही फेंसिंग और बिजली के खंभों को भी तोड़ दिया। फसलों के बर्बाद होने से किसानों में भारी नाराजगी बनी हुई है। वहीं विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह जंगल की ओर न जाएं।
हाथियों ने फेंसिंग और बिजली के खंभों को भी तोड़ा
जानकारी के मुताबिक, करतला रेंज के बड़मार क्षेत्र में इन दिनों 18 हाथी घुम रहे हैं। यहीं हाथी बिती रात सुपईआरा गांव में पहुंच आए और जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने 19 किसानों के फसलों को कुचल दिया, जिसमें से 4 किसानों के फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं हाथियों ने फेंसिंग और बिजली के खंभों को भी तोड़ दिया। फिलहाल वन विभाग नुकसान का आकलन कर आगे की जांच में जुट गई है।
बंदर ने मचा रखा है आतंक
दूसरा मामला जशपुर जिले का है, जहां एक बंदर ने पिछले दो से तीन दीनों से आतंक मचा रखा है। कभी घर में घुसकर खाना और राशन को खा जाता है, तो कभी लोगों को काट कर फरार हो जाता है। जिसके कारण लोगों में गुस्सा और दहशत का माहौल बना हुआ है।
घरों में घुसकर खा जाता है राशन
यह पूरा मामला सिंगीबहरा गांव का है। यहां के ग्रामीण इन दिनों एक बंदर के आतंक से परेशान है। पिछले दो से तीन दीनों में बंदर 12 से ज्यादा लोगों को काट चुका है। इतना ही नहीं वह घरों में घुसकर खाना और राशन को खा जाता है। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को शिकायत के बाद भी बंदर उनके काबू में नहीं आया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
