Begin typing your search above and press return to search.

CG News: छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की दौलत पर महाभारत, रानी-राजा और भूमाफिया आमने-सामने! रियासत की जमीन पर बिछ रही साजिश की बिसात

मूवी व टीवी सीरियल में संपत्ति हड़पने विवाद, षड़यंत्र और क्या कुछ आपने देखा होगा। हम जिस घटना की जिक्र कर रहे हैं वह रील नहीं रियल सीन है। छत्तीसगढ़ के जिला सक्ती में राजा सुरेंद्र बहादुर का रियासत है। राजा और रानी के बीच दत्तक पुत्र के राजतिलक को लेकर जो विवाद छिड़ा वह आजतक सुलझ नहीं पाया है। सक्ती रियासत में बेशुमार संपत्ति है। 100 करोड़ से भी अधिक की संपत्ति। अब संपत्ति हड़पने महल के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया है। महल के भीतर छिड़ी जंग में शहर के भूमाफियाओं और रसूखदारों की एंट्री हो गई है। रियल सीन अब धीरे-धीरे बेहद खतरनाक मोड़ की तरफ जाते दिखाई दे रहा है। संपत्ति हड़पने के इस खेल में सफेद और पीला महल की भूमिका को लेकर चर्चा छिड़ी हुई है।

CG News: छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की दौलत पर महाभारत, रानी–राजा और भूमाफिया आमने–सामने! रियासत की जमीन पर बिछ रही साजिश की बिसात
X

CG News

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। सक्ती रियासत में छिड़ी संपत्ति विवाद और खूनी संघर्ष की पटकथा भूमाफिया और रसूखदारों ने लिख दी है। पहले राजा सुरेंद्र बहादुर और रानी के बीच विवाद। नाराजगी के बाद महल छोड़कर मायके नेपाल चली जाना और दत्तक पुत्र के राजतिलक के दौरान वापस महल पहुंचकर राजतिलक का विरोध करना। अलग किराए के मकान में रहना। यह सब महल की आंतरिक कलह को सार्वजनिक कर गया। दो दिन पहले घटित घटना की पृष्ठभूमि चार साल पहले ही रानी के महल से दूर होते ही लिखी जा चुकी थी। माफिया और रसूखदारों की इस चाल के पीछे महल की बेशुमार संपत्ति को हड़पने के साथ ही राज परिवार के बीच दूरी बढ़ाना ही है।

दत्तक पुत्र के राजतिलक के बाद रानी की महल से दूरी बढ़ी और महल से दूर अलग किराए के मकान में सक्ती में ही रहने लगी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद जब वह महल में प्रवेश कर रही थी,उनके लोगों ने राजा धर्मेंद्र सिंह की पत्नी और स्वजनो पर हमला बोल दिया। पूरी घटना के पीछे महल के विवाद को भीतर ही भीतर हवा देना और संपत्ति हड़पने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस साजिश में शहर के भूमाफिया के अलावा रसूखदारों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि महल के भीतर खूनी संघर्ष के बाद पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है यह सिर्फ महल का आतंरिक विवाद है या फिर आंतरिक विवाद को हवा देकर संपत्ति हड़पने का खेल तो नहीं चल रहा है। रानी गीता राणा सिंह के इस बयान के भी राजा सुरेंद्र बहादुर को बरगला कर महल की करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची जा रही है। यह आरोप रानी ने तब लगाया था जब राजा सुरेंद्र बहादुर जिंदा थे। रानी के महल में प्रवेश के दौरान जो कुछ घटा,उनके पूर्व के बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा छिड़ गई है। सक्ती रियासत में जो कुछ घट रहा है इसे लेकर अब रियासत से जुड़े करीबी व वफादारों के बीच चर्चा होने लगी है। रियासत के वफादारों को आशंका होने लगी है कि कहीं भूमाफिया व रसूखदारों की नजर तो करोड़ों की संपत्ति पर नहीं टिकी है।

25 जून की घटना की चर्चा जोरों पर-

हाई कोर्ट के आदेश पर रानी गीता राणा सिंह महल में प्रवेश कर रही थी। इसी दौरान अमंक जोशी, राजकुमार अग्रवाल और राजेश शर्मा ने असमाजिक तत्वों के साथ महल में घुसकर कब्जा करने की नियत से तोड़फोड़ तो किया ही महल में निवासरत राजा धर्मेंद्र सिंह की पत्नी रानी शिल्पा सिंह व अन्य लोगों के साथ मारपीट की।

पीला और सफेद महल की ओर लगी नजरें-

पीला महल के भीतर खूनी संघर्ष के बाद अब सफेद महल की भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चा छिड़ गई है। पीला और सफेद महल के बीच बीते कुछ सालों से अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। राजा सुरेंद्र बहादुर के दत्तक पुत्र और राजा धर्मेंद सिंह के जेल में बंद होने के पीछे सफेद महल की भूमिका की एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

राजा सुरेंद्र बहादुर ने एसपी से रानी की थी शिकायत-

राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने मृत्यु से पूर्व एसपी को पत्र लिखकर पत्नी व रानी गीता सिंह की शिकायत की थी। राजा ने एसपी को लिखा था कि वह नेपाल में रहती है। बीते महीने सक्ती आई और मेरी बगैर अनुमति महल की ऊपरी मंजिल में रहने लगी है। पुत्र, कर्मचारी एवं नौकरों के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करती हैं । मेरे पुत्र एवं कर्मचारियों के विरूद्ध झूठी एवं मनगढ़ंत शिकायतें कर रही हैं। वे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। मैंने कई बार उनको समझाने की कोशिश की, कि वे इस प्रकार की हरकतें न करें। इनकी हरकतों से तंग आ गया हूं। इससे महल एवं हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है। इनकी हरकतों से तंग आ गया हूं। मेरी उम्र 79 वर्ष है, शुगर एवं ब्लड प्रेशर का मरीज हूं। अगर वे सक्ती में रहना चाहती हैं तो अपना इंतजाम कहीं और कर लें। मैं उन्हें अपने महल में नहीं रखना चाहता, क्योंकि मेरे साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story