Balrampur News: बड़ी घटना: छठवीं कक्षा के बच्चे के ऊपर गिरा भवन का छज्जा, मौके पर हुई मौत
CG News: मध्याह्न भोजन की छुट्टी के दौरान स्कूल के पीछे खेल रहे छठवीं क्लास के 12 वर्षीय छात्र पर निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिर गया। हादसे में छात्र की मौत हो गई।

Balrampur Ramanujganj News: बलरामपुर– रामानुजगंज। बलरामपुर– रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम शारदापुर में खुटहनपारा स्थित माध्यमिक शाला में गुरुवार को घटिया सरकारी निर्माण के कारण कक्षा छठवीं के छात्र की जान चली गई। शारदापुर के खुटहनपारा स्थित माध्यमिक शाला के समीप निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से छठवीं कक्षा कर 12 वर्षीय छात्र आलोक कुमार देवांगन पिता रमेश देवांगन की मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मामला त्रिकुंडा थाना क्षेत्र का है।
घटना मध्यान्ह भोजन अवकाश के दौरान हुई। अवकाश के समय कुछ छात्र खेलते हुए विद्यालय परिसर के पीछे स्थित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन की ओर चले गए थे। इसी दौरान भवन के छज्जे का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जे के नीचे आने से छात्र आलोक मलबे में दब गया। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय के शिक्षक मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर आलोक को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी लगने पर जनपद सीईओ निजामुद्दीन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी तत्काल गांव पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ थे। मध्यान्ह भोजन का अवकाश होने के कारण किसी का भी ध्यान बच्चों पर नहीं था। बच्चे भी स्कूल के आसपास खेल रहे थे। उसी दौरान आलोक अपने सहपाठियों के साथ निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास चला गया था। घटना के बाद अवकाश के समय बच्चों की निगरानी और विद्यालय के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल को सुरक्षित तरीके से घेरा गया होता या शिक्षक बच्चों की निगरानी करते तो यह हादसा टल सकता था।
ग्राम पंचायत बनवा रहा था भवन
आंगनबाड़ी भवन की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी, जबकि भवन का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की देखरेख में किया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाने शुरू किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि यदि गुणवत्तापूर्ण निर्माण होता तो छज्जा नहीं गिरता। पंचायत के घटिया काम के बाद भी अधिकारियों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। अब निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं कि भवन निर्माण में तय मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
वहीं मामले में अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पुलिस के अलावा बीईओ से भी करवाई जा रही है। पंचायत विभाग भी निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवा रहा है। मामले में किसी की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
