CG News: आयुष्मान पोर्टल: प्राइवेट अस्पतालों को मिली दो दिन की और मोहलत, डॉक्टर के अलावा स्टॉफ की संख्या अपलोड करना जरुरी
CG News: आयुष्मान पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्राइवेट अस्पतालों को एक बार फिर से समय दिया गया है। निजी अस्पताल प्रबंधन को दो दिन के भीतर पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।

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14 February 2026| रायपुर। आयुष्मान पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्राइवेट अस्पतालों को एक बार फिर से समय दिया गया है। निजी अस्पताल प्रबंधन को दो दिन के भीतर पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 15 फरवरी डेडलाइन तय कर दिया है। प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन को यह आखिरी मौका दिया जा रहा है। डेडलाइन के भीतर प्राइवेट अस्पताल को नए पोर्टल पर मांगी गई जरुरी जानकारी अपलोड करना होगा।
पूर्व में तय किए गए डेडलाइन के अनुसार 13 फरवरी अंतिम तिथि तय की गई थी। इस दिन तक राजधानी रायपुर के तकरीबन एक दर्जन प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन ही सीएमओ कार्यालय जरुरी दस्तावेज और लैपटॉप के साथ पहुंचे थे। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अन्य सीएमओ कार्यालय में प्राइवेट अस्पताल प्रबंधन जरुरी दस्तावेज और लैपटॉप के साथ पहुंचे। केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना में जरुरी बदलाव के साथ जरुरी दस्तावेजों की जो जानकारी मांगी है, पहले से ज्यादा है। सभी दस्तावेजों को एक-एक पोर्टल में एक-एक अपलोड करना पड़ता है। इसमें समय लग रहा है,साथ ही नेटवर्किंग तकनीकी का भी सामना करना पड़ रहा है। इस बात की भी शिकायत मिल रही है, कुछ अस्पतालों के दस्तावेज अपलोड भी नहीं हो रहा है। आ रही दिक्कतों की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य मुख्यालय को दी गई है। तकनीकी दिक्कतों के मद्देनजर दस्तावेजों को पोर्टल में अपलोड करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग भी की गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मुख्यालय में आयुष्मान पोर्टल में जानकारी अपलोड करने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया है। नए डेडलाइन पर नजर डालें तो 15 फरवरी तक जरुरी दस्तावेजों को पोर्टल में अपलोड करना होगा।
बता दें, केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना के संचालन व क्रियान्वयन को लेकर जारी किए गए नए पोर्टल में कई पुराने मापदंडों को बदल दिया गया है। कुछ नई और महत्वपूर्ण शर्तें जोड़ी गईं हैं। अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर और डाक्टरों की संख्या को लेकर शर्तें जोड़ी गई है। इन शर्तों को राज्य के छोटे और मंझोले अस्पताल पूरा नहीं कर पा रहे हैं। माना जा रहा है, केंद्र सरकार के कड़े नियमों व शर्तों के कारण छोटे और मंझोले अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे।
