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CG News: अबूझमाड़ में शांति का उत्सव और विश्वास की वापसी, पूरे बस्तर और अबुझमाड़ में विष्णुदेव सरकार का अमन शांति, आजीविका और स्थानीय सहभागिता बढ़ाने पर फोकस

CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास इसी परिवर्तन की जीवंत तस्वीर पेश करता है, जहां शासन, प्रशासन और समाज मिलकर एक नए बस्तर का निर्माण कर रहे हैं।

CG News: अबूझमाड़ में शांति का उत्सव और विश्वास की वापसी, पूरे बस्तर और अबुझमाड़ में विष्णुदेव सरकार का अमन शांति, आजीविका और स्थानीय सहभागिता बढ़ाने पर फोकस
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By Sandeep Kumar

CG News: बस्तर और अबूझमाड़ की धरती पर लंबे समय तक भय, अविश्वास और हिंसा की छाया रही है। जिस क्षेत्र को कभी आम नागरिकों और विकास कार्यों के लिए भी दुर्गम माना जाता था, आज वही इलाका शांति, सहभागिता और विश्वास का प्रतीक बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास इसी परिवर्तन की जीवंत तस्वीर पेश करता है, जहां शासन, प्रशासन और समाज मिलकर एक नए बस्तर का निर्माण कर रहे हैं।

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 केवल एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि यह उस बदलाव का सार्वजनिक उद्घोष था, जो बस्तर की आत्मा में घटित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अलसुबह स्वयं धावकों को हरी झंडी दिखाकर और सांकेतिक दौड़ लगाकर यह संदेश दिया कि सरकार शांति की इस दौड़ में केवल मार्गदर्शक नहीं, सहभागी भी है।

नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर लंबी इस मैराथन में देश विदेश से आए धावकों के साथ साथ आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रही। हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं की दौड़, वास्तव में हिंसा से विकास की ओर बढ़ते कदमों की प्रतीक बन गई। हजारों प्रतिभागियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि अबूझमाड़ अब भय का नहीं, भरोसे का नाम बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय है और बस्तर इस लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं की बदौलत आज शांति और विकास की मजबूत नींव रखी जा सकी है। हाल के वर्षों में 351 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन इसी दिशा में ठोस कदम हैं।

आजिविका, खेल और पर्यटन से विकास की नई राह

मुख्यमंत्री का प्रवास केवल संदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने जमीनी सहभागिता के माध्यम से विकास की दिशा को और मजबूत किया। शांत सरोवर के समीप छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब के 40 बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर कच्चापाल जैसे सुदूर पर्यटन स्थल तक रवाना करना, अबूझमाड़ को जानने और समझने का एक सकारात्मक प्रयास रहा। शांत सरोवर में नौका विहार और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए पर्यटन प्रयास यह संकेत देते हैं कि अब बस्तर की पहचान केवल संघर्ष नहीं, संभावनाएं भी होंगी।

जवानों के साथ रात्रिभोज

आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मुख्यमंत्री की आत्मीय मुलाकात और रात्रि भोज ने यह भरोसा और गहरा किया कि सरकार कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे जवानों के साथ खड़ी है। बस्तर में आज बम और गोलियों की जगह स्कूलों की गूंज, गांवों की चहल पहल और सांस्कृतिक जीवन की धड़कन सुनाई देने लगी है। यही वह बदलाव है, जो बस्तर और अबूझमाड़ को भय के अतीत से निकालकर शांति और विकास के भविष्य की ओर ले जा रहा है।

बिंजली में तीरंदाजी के स्थानीय युवा खिलाड़ियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि बस्तर की पारंपरिक प्रतिभाओं को आधुनिक मंच देना सरकार की प्राथमिकता है। आदिवासी समाज की प्राकृतिक दक्षताओं को प्रशिक्षण और अवसर से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। खेल, आजीविका और पर्यटन को शांति स्थापना के साथ जोड़कर देखने की यह दृष्टि बताती है कि सरकार केवल सुरक्षा नहीं, स्थायी समाधान चाहती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।




Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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