CG News: 6 महीने पहले जिस प्लांट में चार मजदूरों की हुई थी मौत, दो फिर गर्म राख में गिरकर बुरी तरह झुलसे, पढ़िए किस स्पंज आयरन प्लांट में हुआ आदसा

CG News: 6 महीने पहले जिस प्लांट में चार मजदूरों की हुई थी मौत, दो फिर गर्म राख में गिरकर बुरी तरह झुलसे, पढ़िए किस स्पंज आयरन प्लांट में हुआ आदसा
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मुंगेली के सरगांव क्षेत्र के रामबोड स्पंज आयरन प्लांट में मेंटेनेंस के दौरान 12 फीट ऊंचाई से गिरकर दो मजदूर झुलस गए। गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कराया गया है। वासुदेव स्पंज आयरन प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से यह हादसा हुआ है। सुरक्षा उपकरणों के बिना ही मजदूरों से काम करवाया जा रहा है। चिमनी से निकल रहे गर्म डस्ट में गिरने से मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं। 6 माह पहले बाजू के प्लांट में हुए हादसे में चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। छह महीने के बाद दूसरे हादसे को लेकर श्रमिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।

बिलासपुर। सरगांव क्षेत्र के रामबोड़ स्थित वासुदेव स्पंज आयरन प्लांट में सोमवार को मेंटेनेंस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में कार्यरत फिटर पंकज निषाद और ठेकेदार संजय सिंह टीन शेड की मरम्मत करने 12 से 15 फीट ऊंचाई पर चढ़े थे। दोनों बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कार्य कर रहे थे। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वे सीधे चिमनी से निकल रहे गर्म डस्ट पर गिर गए। इससे दोनों बुरी तरह झुलस गए हैं। मामला मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र का है।

प्लांट में हादसे के बाद मौके पर काम रहे मजदूरों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। झुलसे हुए दोनों श्रमिकों को तत्काल काम रहे मजदूरों की मदद से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए बिलासपुर सिम्स हॉस्पिटल लाया गया। जहां दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि गर्म डस्ट में गिरने के कारण दोनों के शरीर का अधिकांश भाग जल गया है। इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी में जुटी हुई है। हादसे के बाद मजदूर संगठनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया। मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि प्लांट प्रबंधन श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार लापरवाही बरत रहा है। श्रम विभाग व जिला प्रशासन इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।

किसी प्रकार का नहीं मिला है सुरक्षा उपकरण–

प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारी राजू निषाद ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब दोनों ऊपरी जर्जर टीन शेड की मरम्मत के दौरान कार्यरत थे। टीन शेड की स्थिति पहले से ही खराब थी, और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ऊपर चढ़ना उनके लिए घातक साबित हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्लांट प्रबंधन ने सेफ्टी बेल्ट के अलावा गर्म धूल भरे क्षेत्र में काम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण ही उपलब्ध कराया था।

6 माह पहले बाजू के प्लांट में हादसे के दौरान 4 श्रमिकों की हुई थी मौत–

रामबोड़ स्थित जिस वासुदेव स्पंज आयरन प्लांट में सोमवार को हादसा हुआ, इसी गांव में स्थित कुसुम स्मेल्टर प्राइवेट लिमिटेड में 9 जनवरी 2025 को भी प्लांट का साइलो गिरा था। राखड़ से भरे साइलो में दबकर इंजीनियर जयंत साहू, सीनियर फीटर अवधेश कश्यप, दो हेल्पर प्रकाश यादव और मनोज धृतलहरे समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी।

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