CG Naxal News: नक्सलवाद मुर्दाबाद के लगे नारे, घोर नक्सल प्रभावित गंगालूर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस, 1000 ग्रामीणों रहे मौजूद...
CG Naxal News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर के गंगालूर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन हुआ।

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर के गंगालूर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से लगभग 200 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम व नक्सलवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस जवानों ने कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों को भोजन कराया और उन्हें साड़ी, चप्पल व बच्चों को खेल सामग्री वितरित की।
दरअसल, बीजापुर जिले का गंगालूर इलाका जो लंबे समय तक देश के अत्यंत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है, वहाँ गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर एक ऐतिहासिक, अभूतपूर्व व जनभागीदारीपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। यह पहली बार है कि इस अति संवेदनशील क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर ग्रामीणों की व्यापक उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय पर्व का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम एसपी जितेंद्र यादव बीजापुर के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू व गिरीश तिवारी थाना प्रभारी गंगालूर के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 900 से 1000 ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें हार्डकोर नक्सल कैडर से जुड़े परिवारों सहित सुदूर व पूर्व में उग्रवाद से प्रभावित गांव पीड़िया, तामोड़ी, गमपुर, अण्ड्री, डोडीतुमनार, पुसनार, कावड़गांव, हिरोली, हिरमागुंडा आदि के ग्रामीण शामिल थे।
अपने उदबोधन में सभी लोगों ने पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेन्द्र यादव के नेतृत्व में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान एवं नक्सल संगठन में कार्यरत लोगों के आत्मसर्मपण के प्रयास की सराहना करते हुए थाना क्षेत्र के लोगों से समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की अपील की। विभिन्न जन प्रतिनिधियों ने अपनी उद्बोधन की शुरूवात हिन्दी भाषा से करते हुए गोंण्डी भाषा में ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि के रूप में शहीद परिवार से रूकमणी हेमला, रामीन हेमला को श्रीफल एवं मिष्ठान देते हुए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान थाना क्षेत्र के नागरिकों व जन प्रतिनिधियों को तिरंगे झंडे का बैच लगाकर सम्मानित किया गया, तत्पश्चात् पीड़िया सरपंच सन्नू अवलम, भूतपूर्व सरपंच गंगालूर एवं जिला उपाध्यक्ष बीजापुर, भारतीय जनता पार्टी कलमू राजू, गंगालूर सरपंच पायल हेमला, तोड़का सरपंच सरोजना ताती, गोंगला सरपंच संगीता एक्का, कमकानार सरपंच राजमनी ओयाम एवं ग्राम डोडी तुमनार से सोना राम बारसे, मर्रीवाड़ा से सोढ़ी माड़वी आदि लोगों ने ग्रामीणों के समक्ष अपना उदबोधन दिया।
यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जिन क्षेत्रों में कभी तिरंगा फहराना असंभव माना जाता था, आज वहीं ग्रामीणों ने निर्भीक होकर संविधान और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में गणतंत्र दिवस मनाया। यह परिवर्तन क्षेत्र में नक्सली प्रभाव के लगातार कमजोर पड़ने और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनविश्वास की बहाली को दर्शाता है।
यह सकारात्मक बदलाव राज्य सरकार द्वारा निरंतर चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ समानांतर रूप से किए जा रहे विकासात्मक कार्यों का प्रत्यक्ष परिणाम है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार ने ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति (Surrender Policy) इस परिवर्तन में एक मास्टर स्ट्रोक सिद्ध हुई है। इस नीति के माध्यम से भटके हुए युवाओं और नक्सल संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपनाने का अवसर मिला, जिससे नक्सल नेटवर्क की जड़ें कमजोर हुईं और समाज में शांति का वातावरण बना।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस एवं ग्रामीणों द्वारा संयुक्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें ग्राम पुसनार एवं कमकानार से आये ग्रामीणों के द्वारा बस्तर के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, मांदर की थाप व मोरी (सहनाई) की धुन में ग्रामीणों ने शानदार व मनमोहक नृत्य किया, जो यह दर्शाती हैं कि अब भय के स्थान पर विश्वास, सहभागिता और सहयोग ने जगह ले ली है। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने "नक्सल मुक्त गंगालूर" बनाने की सामूहिक शपथ ली तथा क्षेत्र के विकासात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक पुनर्निर्माण में सक्रिय सहयोग का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान अंदरूनी क्षेत्रों से आये ग्रामीणों को पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव की मंशा के अनुरूप सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत् बड़ी संख्या में महिलाओं को साड़ी एवं पुरुषों को चरण पादुका (चप्पल) वितरित किये गये। कार्यक्रम में थाना गंगालूर से थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश तिवारी के साथ उप निरीक्षक एम.एस. पैंकरा, पन्नालाल चन्द्रवंशी, सउनि. पी. सुरेश राव, त्रिपुरारी राय, प्र.आर. राजाराम कड़ियाम के साथ समस्त थाना स्टाफ उपस्थित थे।
सभी उपस्थित ग्रामीणों, पुलिस कर्मियों एवं प्रतिभागियों के लिए नाश्ता एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे यह संदेश गया कि सुरक्षा बल केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के सशक्त साझेदार है।
थाना गंगालूर में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह यह स्पष्ट संदेश देता है कि यह क्षेत्र अब बंदूक की भाषा से नहीं, बल्कि संविधान, विकास और जनविश्वास की ताकत से आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन नक्सल प्रभावित अंचलों में शांति, विकास और लोकतंत्र की दिशा में एक निर्णायक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।
