सरकारी विभाग में गजब की भर्ती: विज्ञापन और ना ही कौशल परीक्षा, गुपचुप तरीके से चल रहा खेला, सरकारी अफसर प्राइवेट एजेंसी पर इतना मेहरबान क्यों?
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एड्स कंट्रोल सोसाइटी में भर्ती के नाम पर गजब का खेला चल रहा है। अलग-अलग 126 पदों पर भर्ती क जिम्मा राज्य सरकार की किसी भर्ती एजेंसी को नहीं दी गई है। अचरज की बात ये कि एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए एक बड़े भर्ती घोटाले को अंजाम देने की कोशिश में अफसर जुटे हुए हैं।

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रायपु। 6 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ एड्स कंट्रोल सोसाइटी में डिप्टी डायरेक्टर सहित 126 पदों पर भर्ती की जानी है। विभाग के आला अफसरों ने भर्ती के लिए गजब का खेला किया है। सरकारी एजेंसी को भर्ती का जिम्मा देने के बाद एक प्राइवेट एजेंसी को खोज निकाला है। प्राइवेट एजेंसी ने अपना खेल शुरू भी कर दिया है। यह पहली बार हो रहा है, जब सरकारी विभाग में भर्ती के लिए ना तो विज्ञापन जारी किए गए हैं और ना ही कौशल परीक्षा का आयेाजन किया जा रहा है।
इस विभाग की भर्ती को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ के बेरोजगार और स्किल्ड युवाओं के लिए जब भर्ती की जा रही है, तब बिना विज्ञापन जारी किए बस्तर से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के युवाओं को इस बात की जानकारी कैसे होगी कि किस विभाग में कितने पदों के लिए भर्ती की जा रही है। दूरस्थ इलाकों को छोड़ दीजिए, राजधानी में ही युवाओं को कानो-कान भनक नहीं लग पा रही है, एड्स कंट्रोल सोसाइटी में बड़े पैमाने पर एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए भर्ती को अंजाम दिया जा रहा है। मजे की बात ये, एजेंसी के लोग ही युवाओं से सीधेतौर पर संपर्क कर रहे हैं और भर्ती को भीतर ही भीतर अपने हिसाब से पूरा करने में लगे हुए हैं। आउट सोर्सिंग के बहाने छत्तीसगढ़ से बाहर के लोगों को गुपचुप तरीके से भर्ती करने का बड़ा खेल चल रहा है। जानकारों का तो यहां तक कहना है, इसमें विभाग के कुछ अफसरों की सहमति और संलिप्तता भी है। प्राइवेट एजेंसी को भर्ती की जिम्मेदारी देने के पीछे इसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
इस लिए गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का अंदेशा
126 पदों पर हो रही भर्ती के लिए एजेंसी ने ना तो विज्ञापन जारी किया है और ना ही किसी माध्यम से प्रदेश के युवाओं को जानकारी देने की कोशिश की है। बगैर विज्ञापन और बिना कौशल परीक्षा के ही भर्ती की जा रही है। अंदाजा लगाइए,अगर ऐसा हो रहा है तो कितनी बड़ी गड़बड़ी को भीतर ही भीतर अंजाम दिया जा रहा है। इसमें तो छत्तीसगए़ के युवाओं के साथ धोखेबाजी हो रही है। जिस प्रदेश में इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया की जा रही है, वहां के युवाओं को ही पता नहीं चल पा रहा है।
भर्ती का ये है नियम
पहले के नियमों पर नजर डालें तो एनएचएम या खुद एड्स कंट्रोल सोसाइटी विज्ञापन जारी कर खाली पदों को भरता था। इससे विभाग को प्रतिभावन युवा मिल जाते थे। युवाओं के लिए रोजगार का अवसर खुलता था और प्रतिस्पर्धा तेज होती थी। अभी जेा भर्ती हो रही है, उसे लेकर गड़बड़ी की आशंका बनी हुई है।
एजेंसी पर सरकारी अफसरों की ऐसी कृपा, लुटा रहे सरकारी खजाना
जिस एजेंसी को भर्ती का जिम्मा दिया है, उस एजेंसी पर विभाग के अफसर दोनों हाथों से सरकारी खजाना लुटा रहे हैं। जानकारी के अनुसार एजेंसी को कुल वेतन का 15 फीसदी भुगतान भी किया जाएगा। यह भुगतान 6 माह तक किया जाएगा। यह किस नियम के तहत किया जा रहा है, अधिकारी भी बताने को तैयार नहीं है। उदाहरण के लिए 126 पदों के लिए औसत 50 हजार वेतन अगर दिया जाएगा तो कुल वेतन 80 लाख रुपए होता है। हर माह 15 फीसदी के हिसाब से 12 लाख एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि एड्स कंट्रोल व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी के माध्यम से भर्ती करवा रहे है।
बड़ा नुकसान यह भी
आउटसोर्सिंग करने से स्थानीय युवाओं का नुकसान होगा। दरअसल आउटसोर्सिंग में स्थानीय बेरोजगारों को महत्व नहीं दिया जाता। ऐसे में एड्स कंट्रोल सोसाइटी में बाहरी लोगों का कब्जा होने की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि आउटसोर्सिंग के बजाय स्थानीय बेरोजगारों की भर्ती से युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
