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CG Liquor: छत्तीसगढ़ में सस्ती होगी शराबः कांच की जगह प्लास्टिक की बोतल, जेब में रखने के लिए मिनियेचर भी, एयरपोर्ट पर खुलेगा बार

CG Liquor: छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव कैबिनेट ने आज आबकारी में विभिन्न बदलावों के लिए आबकारी विभाग को अधिकृत कर दिया। इसमें मदिरा प्रेमियों की सहूलियत के लिए कई सारे कदम उठाए जाएंगे।

CG Liquor: छत्तीसगढ़ में सस्ती होगी शराबः कांच की जगह प्लास्टिक की बोतल, जेब में रखने के लिए मिनियेचर भी, एयरपोर्ट पर खुलेगा बार
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By Gopal Rao

CG Liquor: रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने आज आज अहम फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। बता दें, आबकारी विभाग देशी और विदेशी शराब के संदर्भ में कई अहम निर्णय करने जा रहा है। इनमें एक महत्वपूर्ण यह है कि रेट सस्ता किया जाएगा। कैबिनेट ने इसके लिए विभाग को फ्री हैंड दे दिया है।

बताते हैं, आबकारी विभाग पड़ोसी जिले से शराब की तस्करी रोकने रेट देशी-विदेशी शराब का रेट कम करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, ओड़िसा जैसे कुछ राज्यों के बराबर रेट करने का प्रयास भी किया गया है।

अब प्लास्टिक की बोतलें

शराब का रेट कम करने आबकारी विभाग कांच की जगह प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करेगा। मध्यप्रदेश जैसे कुछ राज्यों में नीचले ब्रांड की शराब को प्लास्टिक की बोतलों में बेचा जाता है। इससे बोतल पीछे 100 से 150 रुपए रेट कम हो जाते हैं। असल में, बोतलों की कीमत के साथ जीएसटी मिलाने पर उसकी दर काफी उंची हो जाती है। अफसरों ने एनपीजी न्यूज से बात करते हुए कहा कि देशी और विदेशी शराब के पौवा और अध्धा याने हाफ बोतलों में प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल किया जाएगा। अंग्रेजी शराब में भी तीन केटेगरी होते हैं। नीचे लेवल की बोतलें भी अब प्लास्टिक की होंगी। इससे पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ रेट में कम्पिटिशन कर पाएगा।

मिनियेचर भी

छत्तीसगढ़ के मदिरा प्रेमियों की सुविधा के लिए अब मिनियेचर उपलब्ध कराने पर भी तैयारी की जा रही है। मिनियेचर मतलब जेब में रखे जाने वाला दो पैग की छोटी डिब्बी। अफसरों का कहना है कि खासकर ट्रेवल में मिनियेचर काफी उपयोगी रहता है। ्फ्लाइट में भी लोग इसे जेब में रखकर चल देते हैं।

एयरपोर्ट पर बार

कैबिनेट से अधिकार मिल जाने के बाद आबकारी विभाग अब एयरपोर्ट पर भी बार प्रारंभ करने की कार्यवाही शुरू कर देगा। रायपुर एयरपोर्ट पर इसके लिए जगह देखी जा रही है।

प्लास्टिक बोतल में शराब बेचने के फायदे

कम वजन (Lightweight): प्लास्टिक की बोतलें कांच की तुलना में काफी हल्की होती हैं। इससे परिवहन (transportation) के दौरान ईंधन की बचत होती है और लॉजिस्टिक लागत कम हो जाती है।

टूटने का डर नहीं (Shatterproof): कांच की तरह प्लास्टिक की बोतलें गिरने पर टूटती नहीं हैं। इससे शिपिंग और हैंडलिंग के दौरान नुकसान (wastage) कम होता है और सुरक्षा भी बढ़ती है ।

कम लागत (Cost-effective): प्लास्टिक की बोतलों का उत्पादन कांच की बोतलों की तुलना में सस्ता होता है, जिससे शराब कंपनियों की पैकेजिंग लागत घट जाती है।

सुविधाजनक (Convenience): हल्की और अटूट होने के कारण इन्हें पिकनिक, ट्रैकिंग या यात्रा के दौरान ले जाना आसान और सुरक्षित होता है ।

पुनर्चक्रण (Recyclable): PET बोतलें पूरी तरह से पुनर्चक्रण योग्य (100% रेसिक्लाब्ले ) होती हैं और इन्हें रिसाइकिल करके अन्य उत्पादों में बदला जा सकता है।

कार्बन फुटप्रिंट में कमी: हल्के वजन के कारण परिवहन के दौरान कम कार्बन उत्सर्जन होता है, जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से कुछ मामलों में कांच की तुलना में बेहतर माना जाता है।

सावधानी: हालांकि प्लास्टिक सुविधाजनक है, लेकिन लंबे समय तक भंडारण के लिए कांच को बेहतर माना जाता है क्योंकि यह शराब के स्वाद और गुणवत्ता को अधिक समय तक सुरक्षित रखता है।

Gopal Rao

गोपाल राव: रायपुर में ग्रेजुएशन करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। विभिन्न मीडिया संस्थानों में डेस्क रिपोर्टिंग करने के बाद पिछले 8 सालों से NPG.NEWS से जुड़े हुए हैं। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं।

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