भाजपा में अंतर्कलह! ऐसा पहली बार जब मेयर और पार्षद आपस में करने लगे विवाद, तार-तार हो रहा अनुशासन, गुटीय राजनीति को हवा देने की कोशिश तो नहीं?

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बिलासपुर। 12 अप्रैल 2026|13 अप्रैल को बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक होनी है। सामान्य सभा की बैठक में मौजूदा वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया जाना है। बजट में क्या कुछ रहेगा, आम आदमी के लिए राहत के अलावा सामान्य सभा की मीटिंग के दौरान विपक्षी कांग्रेस के पार्षदों के सियासी हमले से किस अंदाज में बचे और बचाव करें, इन सब बातों को लेकर दो-दो जिलाध्यक्षों की अगुवाई में जिला भाजपा कार्यालय में मेयर और भाजपाई पार्षदों की मीटिंग रखी गई थी। मीटिंग में मेयर और कुछ पार्षद आपस में ही उलझ गए। तल्खी ऐसी कि भाजपा की मीटिंग में एकाएक कांग्रेस का जिक्र होने लगा। कौन कब कांग्रेस में गया और कब वापसी हुई,यह सब एक दूसरे को कहने और सुनाने लगे।
जिला भाजपा कार्यालय की मीटिंग में वह सब हुआ जो इसके पहले कभी नहीं हुआ। सीनियर पार्षदों और जिला भाजपा के दो प्रमुख पदााधिकारी की मौजूदगी में जो कुछ हुआ,उसे अच्छा नहीं माना जा रहा है। बंद कमरे की मीटिंग और बंद कमरे में मेयर व पार्षद के बीच की तल्खी उसी अंदाज में जिला भाजपा कार्यालय से निकलकर पब्लिक डोमेन में भी पहुंच गई है। कार्यकर्ताओं के बीच इस बात की भी चर्चा होने लगी है, अनुशासन कहां गया। कार्यकर्ता तो इस बात की भी चर्चा करने लगे हैं जब जिला भाजपा और शहर जिला भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी में विवाद की स्थिति बनी,तब गवाही की बात ही नहीं होनी चाहिए। अनुशासन को एक झटके में तार-तार करने वालों के खिलाफ क्या अनुशासन का डंडा चलाया जाएगा या फिर इसे यूं ही छोड़ दिया जाएगा। सवालों के बीच अब निगम की राजनीति को लेकर चर्चा का बाजार सरगर्म है।
जानिए कहां से शुरू हुआ विवाद
जिला भाजपा अध्यक्ष मोहित जायसवाल और शहर जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। पार्षद रंगा नादम ने शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया और सफाई ठेका कंपनी दिल्ली अलायंस कंपनी को एक्सटेंशन देने और पांच प्रतिशत सफाई दर में बढ़ाेतरी का मुद्दा उठाया। उनका सीधा सवाल मेयर से था। बस फिर क्या था। बात बढ़ते-बढ़ते इतनी बढ़ गई, मेयर की जुबान फिसल गई, मेयर यहां तक बोल गईं, भाजपा की मीटिंग में एकाएक कांग्रेस का जिक्र होने लगा। कांग्रेसी कल्चर को लेकर आपस में तीखी बहस होने लगी। तब ना तो एक दूसरे के बीच राजनीतिक शिष्टाचार रहा और ना ही पद और प्रतिष्ठा का लिहाज। अचरज की बात ये, पार्टी के पदाधिकारी और सीनियर पार्षद चुप्पी साधे बैठे रहे।
नाराजगी को हवा तो नहीं दे रहे
पार्षद और मेयर के बीच छिड़े विवाद के दौर में पदाधिकारी व सीनियर पाषदों की चुप्पी को लेकर अब सवाल भी उठने लगा है। इस बात की भी चर्चा हो रही है, निगम की राजनीति में बीते कुछ महीने से जो कुछ चल रहा है और जिस तरह एकला चलो की सियासी चाल चली जा रही है, उसे लेकर सीनियर पार्षदों से लेकर सत्ताधारी दल के पार्षदों में नाराजगी देखी जा रही है। चुप्पी के पीछे नाराजगी को हवा देना और गुटीय राजनीति को पुख्ता करने की मंशा तो नहीं? बहरहाल इस बात की चर्चा अब जोरशोर से होने लगी है।
अमर की तबितय खराब, जिले के विधायक नहीं आए नजर
शहर विधायक अमर अग्रवाल की तबियत ठीक नहीं है, सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नहीं जा रहे हैं। सारे कार्यक्रम फिलहाल उन्होंने स्थगित कर दिया है। जिले के भाजपाई विधायकों को मेयर और पार्षदों की मीटिंग में शामिल होना था। जिले के भजापाई विधायक नजर नहीं आए। इसे लेकर भी अटकलें लगाई जा रही है।

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।
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