Begin typing your search above and press return to search.

CG Holiday News: अवकाश न्यूज, सरकार का बड़ा फैसला, पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश की अवधि बढ़ाई गई, 2 वर्ष से बढ़ाकर...

CG Holiday News: छत्तीसगढ़ सरकार ने पीजी चिकित्सकों के हित में बढ़ा फैसला लिया है। सरकार ने पीजी पाठ्यक्रम हेतु अध्ययन अवकाश की अवधि बढ़ा दी है।

CG Holiday News: अवकाश न्यूज, सरकार का बड़ा फैसला, पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश की अवधि बढ़ाई गई, 2 वर्ष से बढ़ाकर...
X
By Sandeep Kumar

CG Holiday News: रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ डाॅक्टरों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने पीजी पाठ्यक्रम हेतु अध्ययन अवकाश की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी है। चिकित्सकों के हित में यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। डाॅक्टर फेडरेशन छत्तीसगढ़ ने इस निर्णय का स्वागत किया है।


छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सेवारत चिकित्सकों के लिए पी.जी. पाठ्यक्रम हेतु अध्ययन अवकाश की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष किए जाने का निर्णय एक ऐतिहासिक एवं स्वागत योग्य कदम है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के सतत प्रयासों, निरंतर संवाद एवं चिकित्सकों के हित में किए गए संघर्ष का प्रतिफल है।

फेडरेशन द्वारा लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे सेवारत चिकित्सकों को पर्याप्त अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए, जिससे वे अपने प्रशिक्षण को पूर्ण रूप से संपन्न कर सकें और भविष्य में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बना सकें। शासन के इस निर्णय से प्रदेश के सैकड़ों चिकित्सकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा,

“यह हमारे संगठन के निरंतर प्रयास, संवाद और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। हम लंबे समय से इस मुद्दे को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखते आए हैं और आज यह निर्णय हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।”

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी एक महत्वपूर्ण वर्ग इस निर्णय के लाभ से वंचित है। वर्ष 2025 से पूर्व उच्च शिक्षा (पी.जी.) हेतु अध्ययन अवकाश पर गए नियमित चिकित्सकों को इस संशोधित नीति का लाभ नहीं मिल पाया है, जिसके कारण वे आज

विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं और असमानताओं का सामना कर रहे हैं।

डॉ. लोधी ने आगे कहा,

“वर्ष 2025 में ये नियम आने के समय पीजी कर रहे (बैच 2021/2022/2023)अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के साथ न्याय किया जाना आवश्यक है। उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि उनके साथ न्याय होगा। किंतु आजतक उनकी फाइलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। उन्हें भी इस बढ़े हुए अध्ययन अवकाश के अनुरूप क्षतिपूर्ति एवं समुचित लाभ प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की असमानता समाप्त हो सके।”

जुड़ा अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व में अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और उन्हें उचित राहत प्रदान की जाए।

फेडरेशन ने यह भी आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में भी चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा एवं राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।


Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

Read MoreRead Less

Next Story