इनसाइड स्टोरी: सराफा व्यवसायी लूट कांड! तिहाड़ जेल में हुई मुलाकात, दोस्ती में बदली, जेल से छुटते ही दिल्ली में की प्लानिंग और...
CG Crime News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सराफा कारोबारी से पांच करोड़ के गहने व कैश लुटने का मामला सामने आया था, यहां पढ़ें वारदात की पूरी कहानी....

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बिलासपुर| 20 फरवरी 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सराफा कारोबारी से पांच करोड़ के गहने व कैश लुटने के आरोपी मास्टर माइंड विजय लांबा शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ दिल्ली सहित अन्य राज्यों में 70 से अधिक अपराध दर्ज है। सराफा कारोबारी से लूट की ब्लू प्रिंट तिहाड़ जेल में बनी। विजय लांबा की मुलाकात तिहाड़ जेल में बंद उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर निवासी मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित से हुई थी। दो शातिर अपराधियों की मुलाकात जेल में रहते-रहते दोस्ती में बदल गई। दो दोस्तों ने मिलकर बिलासपुर में लूट को अंजाम देने का प्लानिंग कर लिया। प्लानिंग को जेल से छुटते ही अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी के साथ बिलाससपुर पहुंचे। बिलासपुर आने से पहले लांबा ने सराफा कारोबारी की रेकी कराई थी। रेकी हर एक एंगल से की गई। इस दौरान लूट के बाद भागने के लिए सुरक्षित रास्ते भी तलाश गए। पूरी प्लानिंग के साथ सराफा कारोबारी का लुटने बिलासपुर पहुंचे। प्लानिंग सफल भी हो गई, लूट के बाद भागने में कामयाब भी हो गए, यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
दो महीने पहले गिरोह ने एक होटल कारोबारी को लूटने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहे। इस मामले में गगनदीप नामक आरोपी गिरफ्तार हुआ था। इसके बावजूद गैंग ने हिम्मत नहीं हारी और बड़ी वारदात की योजना बना ली।
करीब दो महीने के भीतर ही उन्होंने शहर के ज्वेलरी कारोबारी को लूटने की पूरी योजना तैयार कर ली।
फ्लैशबैक, दो महीने एक और नाकाम कोशिश
पुलिस की पूछताछ और जांच में चौंकाने वाली जानकारी समाने आई है। तकरीबन दो महीना पहले विजय लांबा ने दिल्ली के गगनदीप बंसल और अपने दो साथियों आमीर, शकील के साथ मिलकर सरकंडा थाना क्षेत्र के जबड़ापारा निवासी होटल व्यवसायी लखन लाल देवांगन (46) को निशाना बनाया था। आरोपियों ने पिस्तौल दिखाकर लखन के गले से सोने की चेन लूटने की कोशिश की थी। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्य गगनदीप बंसल को मध्यप्रदेश के अनूपपुर से गिरफ्तार किया था।
गगनदीप जेल में बंद है। पूछताछ के दौरान गगनदीप ने बताया था कि वह हत्या के एक मामले में दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद था, जहां उसकी मुलाकात विजय लांबा से हुई। वहीं दोनों के बीच दोस्ती हुई। जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई और आमीर, शकील को साथ लेकर छत्तीसगढ़ पहुंचे।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम ?
बिलासपुर सरकंडा के राजकिशोर नगर निवासी सराफा कारोबारी संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान है। 17 फरवरी की रात करीब 9:15 बजे वे गहनों से भरा बैग कार में लेकर घर जा रहे थे। उसी दौरान आरोपियों ने उनकी कार को टक्कर मार दी। विवाद के दौरान पिस्तौल दिखाकर उनके सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी कार सहित उसमें रखे सोने के जेवर और कैश लेकर फरार हो गए।
ये है लूट कांड का मास्टर माइंड
घटना में संलिप्त एक आरोपी इमरान जो स्कार्पियो गाड़ी के माध्यम से आरोपियों की रेकी और घटना करने में शामिल था, उसकी भी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर, स्कार्पियों को जब्त कर लिया है। घटना का मास्टर माइंड विजय लांबा एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिसके विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 70 से भी अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी विजय लांबा के दिसंबर माह में हुई एक और घटना में भी शामिल होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसकी तस्दीक आरोपी से पूछताछ करके की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में भी हुई ऐसी घटनाओं के संबंध में आरोपी के यहां लाने के बाद जानकरी लिए जाने का प्रयास किया जाएगा।
आरोपियों के नाम-
01. विजय लांबा पिता राम लाल साकिन ओम बिहार उत्तम नगर द्वारका उत्तरी दिल्ली,
02. मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित पिता स्व. सुन्दर साकिन सोरखा सेक्टर 113
कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश
03. विनोद उर्फ बीनू प्रजापति पिता सुखलाल प्रजापति, निवासी दादाबाड़ी कोटा
राजस्थान
04. करीम खाम पिता वसीम खान, चकमहमूद, सकलेन नगर बरेली उत्तर प्रदेश
05. इरफान अली पिता अकरम अली उम्र 32 वर्ष साकिन टिकरापारा बिलासपुर
