छत्तीसगढ़ किसान बजट 2026: साय सरकार ने किसानों के लिए kholaखजाना, 5500 करोड़ से खेतों तक पहुंचेगा पानी, जानें किसानों की जेब में सीधा कितना आएगा पैसा?
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में किसानों के लिए बड़ा वित्तीय पैकेज घोषित किया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में कृषि क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।

रायपुर 24 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में किसानों के लिए बड़ा वित्तीय पैकेज घोषित किया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में कृषि क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा आवंटन कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का है। इसके साथ ही सिंचाई, मार्कफेड, ब्याज मुक्त ऋण और भूमिहीन मजदूरों के लिए सीधा बजट रखा गया है।
बजट का मुख्य फोकस क्या है?
इस बजट से सरकार का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और खेती की बुनियादी लागत को कम करना है। धान खरीदी राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे बिना रुकावट चलाने के लिए सरकार ने सीधे किसानों के बैंक खातों में पैसा भेजने और खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने की स्ट्रेटेजी अपनाई है। इस बजट में सिर्फ बड़े किसानों को नहीं बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों और छोटे किसानों की शुरुआती पूंजी की जरूरत को भी शामिल किया गया है।
कृषि बजट 2026 के बड़े वित्तीय प्रावधान क्या हैं?
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने बजट भाषण में बताया कि खेती-किसानी को आधुनिक और लाभदायक बनाने के लिए अलग-अलग मदों में बड़ी राशि तय की गई है।
योजना / मद बजट आवंटन मुख्य उद्देश्य
- कृषक उन्नति योजना: 10,000 करोड़ किसानों की आय बढ़ाना और फसल का सीधा लाभ देना
- मार्कफेड (MARKFED): 6,000 करोड़ उपज की खरीदी, भंडारण और विपणन व्यवस्था
- कृषि पंप कनेक्शन: 5,500 करोड़ खेतों तक सिंचाई सुविधा और ऊर्जा आपूर्ति
- भूमिहीन कृषि परिवार: 600 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका समर्थन
- ब्याज मुक्त ऋण योजना: 300 करोड़ छोटे किसानों को खेती के लिए बिना ब्याज पूंजी
- प्राकृतिक खेती: 40 करोड़ रासायनिक लागत कम करना और मिट्टी की उर्वरता बचाना
इन घोषणाओं का किसानों पर क्या असर होगा?
धान खरीदी का सीधा वित्तीय लाभ कृषक उन्नति योजना के जरिए मिलेगा। 10 हजार करोड़ रुपये का यह फंड सुनिश्चित करेगा कि किसानों को फसल का पैसा समय पर मिल सके।
मार्कफेड को मिले 6 हजार करोड़ रुपये से धान के भंडारण और विपणन की पुरानी समस्या दूर होगी। अक्सर खरीदी केंद्रों पर बोरो की कमी रखने की जगह न होना और भुगतान में देरी की शिकायतें आती हैं। अब मार्कफेड अपनी क्षमता बढ़ा सकेगा जिससे खरीदी स्मूथ होगी।
सिंचाई के लिए 5500 करोड़ रुपये का आवंटन फसल प्रोडक्शन को बढ़ाएगा। इससे पेंडिंग कृषि पंप कनेक्शन दिए जा सकेंगे और खेतों तक बिजली पहुंचेगी। छोटे और सीमांत किसान खेती की शुरुआत में बीज और खाद के लिए साहूकारों से कर्ज लेते हैं। 300 करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त ऋण योजना उन्हें इस आर्थिक दबाव से बचाएगी।
बजट पारित होने के बाद अप्रैल से विभागों को यह राशि आवंटित की जाएगी। ऊर्जा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कृषि पंप कनेक्शनों का बैकलॉग जल्द से जल्द खत्म करने की होगी। दूसरी तरफ मार्कफेड को आगामी खरीफ सीजन से पहले प्रदेश भर में अपने गोदामों की क्षमता और खरीदी केंद्रों का बुनियादी ढांचा बढ़ाना होगा। प्राकृतिक खेती के लिए आवंटित 40 करोड़ रुपये से शुरुआती चरण में किसानों को जैविक खेती की ट्रेनिंग और संसाधन दिए जाएंगे।
FAQ: छत्तीसगढ़ कृषि बजट 2026 से जुड़े जरूरी सवाल
1. कृषक उन्नति योजना के लिए इस बजट में कितना पैसा रखा गया है?
विष्णुदेव साय सरकार ने कृषक उन्नति योजना के जरिए किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान किया है।
2. खेतों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए क्या घोषणा हुई है?
कृषि पंप कनेक्शन और खेतों तक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार ने 5500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
3. मार्कफेड को 6000 करोड़ रुपये क्यों दिए गए हैं?
किसानों की उपज खरीदने, उसका सुरक्षित भंडारण करने और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मार्कफेड को यह राशि दी गई है ताकि धान खरीदी में कोई रुकावट न आए।
4. क्या छोटे किसानों को कर्ज पर राहत मिलेगी?
हाँ। किसानों को सस्ती वित्तीय सहायता देने के लिए 'ब्याज मुक्त ऋण योजना' शुरू की गई है, जिसके लिए 300 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।
5. भूमिहीन मजदूरों के लिए बजट में क्या है?
भूमिहीन कृषि मजदूरों और खेती पर निर्भर गरीब परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
