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CG Bharatmala Project Compensation: भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला, सरकार को 40 करोड़ का नुकसान, 3 पटवारियों के खिलाफ प्रथम पूरक चालान पेश...

CG Bharatmala Project Compensation: छत्तीसगढ़ भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने 3 पटवारियों के विरूद्ध प्रथम पूरक चालान पेश किया है। आरेापियों ने शासन को लगभग 40 करोड़ का नुकसान पहुंचा था।

CG Bharatmala Project Compensation: भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला, सरकार को 40 करोड़ का नुकसान, 3 पटवारियों के खिलाफ प्रथम पूरक चालान पेश...
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By Sandeep Kumar

CG Bharatmala Project Compensation: रायपुर। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में 3 लोकसेवकों के विरूद्ध एसीबी ईओडब्ल्यू की टीम ने प्रथम पूरक चालान पेश किया है।

जानिए पूरा मामला

ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025 अंतर्गत धारा 7 सी, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथासंशोधित 2018) एवं धारा 409, 467, 471, 420, 120-बी भादवि में लोकसेवकगण, मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्ति एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन प्रकरण में शासन द्वारा अर्जित भूमि को पुनः शासन को विक्रय कर मुआवजा देने, निजी भूमि के गलत मुआवजा देने, बैकडेट में बटवारा एवं नामांतरण करने, भूमि स्वामी के बदले किसी अन्य को मुआवजा देने तथा निजी भूमि के गलत मुआवजा एवं उसके टुकड़े कर उपखंडों में विभाजित कर शासन को हानि कारित करने के आरोप हैं।

विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) एवं बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) द्वारा लोकसेवक पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भूमाफियों/प्राइवेट व्यक्तियों से षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना में प्रभावित होने वाली भूमि के भूमि स्वामियों का बैकडेट में खाता विभाजन (बटवारा) एवं नामांतरण का कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दिनांक 29.10.2025 को गिरफ्तार किया गया था।

अभियुक्त दिनेश पटेल की भूमिकः विवेचना से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि अभियुक्त दिनेश पटेल, तत्कालीन पटवारी (हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा) ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/आपत्ति निराकरण आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया। अवार्ड के समय अधिग्रहीत भूमि को कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई गई। फलस्वरूप शासन को 30,82,14,868/- की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है।

अभियुक्त लेखराम देवांगन की भूमिकाः विवेचना से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि अभियुक्त लेखराम देवांगन, तत्कालीन पटवारी (ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/ भुगतान प्रतिवेदन आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया। अवार्ड के समय "मूल खसरों" को कृत्रिम उपखण्डों में दर्शाकर वास्तविक देय राशि की तुलना में अत्यधिक मुआवजा भुगतान कराया गया। फलस्वरूप शासन को 7,16,26,925/- की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है।

अभियुक्त बसंती घृतलहरे की भूमिकाः विवेचना से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि अभियुक्त बसंती घृतलहरे, तत्कालीन पटवारी (ग्राम भेलवाडीह) ने "मूल खसरों" को अवार्ड चरण में कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई। फलस्वरूप शासन को 1,67,47,464/- की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है।

उक्त प्रकरण में गिरफ्तार 03 लोकसेवकों के विरुद्ध आज विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में प्रथम पूरक चालान प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रकरण में अन्य आरोपियों के विरुद्ध विवेचना सतत जारी है।


Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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