CG विधानसभा बजट सत्र 2026: मूल प्रश्न को बदलने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जमकर हुआ हंगामा, मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट विपक्ष ने किया बर्हिगमन...
CG Vidhansabha Budget Session 2026: वन विभाग के अफसरों पर विधायक के मूल प्रश्न को जानबुझकर बदलने और वन भूमि पर सोलर प्लांट निर्माता द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर सदन में आज जमकर हंगामा हुआ। गोदावरी सोलर प्लांट के अतिक्रमण को हटाने के सवाल पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और फिर वन मंत्री केदार कश्यप के जवाब को लेकर विपक्ष ने दो बार बर्हिगमन किया।

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रायपुर।17 मार्च 2026| वन विभाग के अफसरों पर विधायक के मूल प्रश्न को जानबुझकर बदलने और वन भूमि पर सोलर प्लांट निर्माता द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर सदन में आज जमकर हंगामा हुआ। गोदावरी सोलर प्लांट के अतिक्रमण को हटाने के सवाल पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बर्हिगमन कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और फिर वन मंत्री केदार कश्यप के जवाब को लेकर विपक्ष ने दो बार बर्हिगमन किया।
प्रश्नकाल के दाैरान सभापति धरमलाल कौशिक ने जब सवाल पूछने के लिए विधायक चातुरी नंद को आमंत्रित किया तब विधायक ने वन विभाग के अफसरों पर उनके मूल प्रश्न को बदलने का आरोप लगाया। सभापति को संबाेधित करते हुए विधायक चातुरी नंद ने कहा, उन्होंने जो प्रश्न किए थे वह अलग है। अफसरों ने जानबुझकर उनके मूल प्रश्न को ही बदल दिया। उनका इतना कहना था, विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के अफसरों पर गंभीर अरोप लगाए।
पढ़िए विधायक चातुरी नंद के सवाल क्या हैं, जिस पर सदन में मचा हंगामा
वर्ष 2025 में क्या महासमुंद वनमण्डल के सरायपाली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जंगलबेड़ा में नर्सरी अथवा वृक्षारोपण का कार्य किया गया था? यदि हां, तो किस-किस प्रकार के कुल कितने वृक्ष कितने क्षेत्रफल में लगाए गए थे? (ख) क्या उपरोक्त नर्सरी की भूमि को उद्योग विभाग अधवा सोलर प्लांट स्थापना के लिए उपयोग करने हेतु वन विभाग द्वारा एनओसी जारी की गई थी? यदि हां, तो किन शर्तों के तहत कब एनओसी जारी की गई थी? (ग) क्या उक्त अवधि में जंगलबेड़ा में अवैध पेड़ कटाई के प्रकरण विभाग के संज्ञान में आए हैं? यदि हां, तो अवैध पेड़ कटाई पर विभाग द्वारा कब-कब क्या कार्रवाई की गई है?
मंत्री के जवाब के बाद मचा हंगामा
वन मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा, जो जमीन गोदावरी सोलर संयंत्र को दिया गया है वह वन विभाग की नहीं है। मंत्री के जवाब के बाद विधायक चातुरी नंद ने कहा, उनके पास दस्तोवज है, दस्तावेजों में जिस जमीन को गोदावरी साेलर प्लांट को दिया गया है वह वन विभाग का नर्सरी है। इतना कहने के साथ ही विधायक ने वन मंत्री से पूछा, वन विभाग की जमीन से सोलर संयंत्र द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी क्या। मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया और विरोध स्वरुप बर्हिगमन कर दिया।
