Brijmohan Aggarwal: बृजमोहन अग्रवाल अब से कुछ देर में देंगे इस्तीफा, जा रहे स्पीकर रमन सिंह के घर

Brijmohan Aggarwal: बृजमोहन अग्रवाल अब से कुछ देर में देंगे इस्तीफा, जा रहे स्पीकर रमन सिंह के घर
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Brijmohan Aggarwal: प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बृजभूषण अग्रवाल विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं...

Brijmohan Aggarwal रायपुर। ब्रेकिंग खबर आ रही है...प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल रायपुर लोकसभा चुनाव से लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। हालांकि उन्हें 19 जून तक का समय था। लेकिन अब से थोड़ी देर पहले एक खबर आई है कि बृजमोहन अग्रवाल विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को इस्तीफा देने जा रहे हैं। रमन सिंह के निवास कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि बृजमोहन अग्रवाल स्पीकर हाउस पहुंचने वाले हैं। हालांकि, यह अभी क्लियर नहीं हुआ है कि वे मंत्रिपद से इस्तीफा देंगे।

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, विधायक पुरंदर मिश्रा भाजपा नेता अशोक बजाज रायपुर जिले के भाजपा अध्यक्ष समिति बड़ी संख्या में नेता स्पीकर हाउस रवाना हो गए हैं।

जानिए बृजमोहन अग्रवाल के बारे में

लोकसभा चुनाव 2024 में रायपुर सीट से सांसद चुने गए बृजमोहन अग्रवाल 2023 में रायपुर दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। विष्‍णुदेव साय सरकार में उन्‍हें कैबिनेट मंत्री बना गया। पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में बृजमोहन अग्रवाल प्रदेश की सबसे बड़ी लीड लेकर लगातार चुनाव जीते हैं। वे लगातार 8 बार विधायक चुने जा चुके हैं। विधानसभा चुनाव में बृजमोहन ने प्रदेश में सर्वाधिक मतों से जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी महंत रामसुंदर दास को 67919 मतों के अंतर से हराया है। कॉमर्स व आर्ट्स दोनों विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने एलएलबी की भी डिग्री ली है। 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित होने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने अपने राजनीतिक की शुरुआत भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की। वे कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष व भारतीय जनता युवा मोर्चा अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष रहें हैं। अविभाजित मध्य प्रदेश में राज्य मंत्री रहने के अलावा छत्तीसगढ़ की सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। भाजपा विधायक दल के सदन में मुख्य सचेतक भी रहे हैं। राजिम में राजिम कुंभ करवा कर उन्होंने राजिम कुंभ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलवाई है।

राजिम को दिलाया कुंभ का दर्जा

छत्‍तीसगढ़ का राजिम तीन नदियों महानदी, पैरी नदी व सोढुर संगम स्थल है। इसे छत्‍तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है। वहां राजीव लोचन और कुलेश्‍वर महादेव का मंदिर भी हैं। वहां माघी पुन्‍नी मेला का आयोजन होता था। 2005में धर्मस्‍व मंत्री रहते बृजमोहन अग्रवाल ने इस आयोजन को कुंभी मेले की तर्ज पर शुरू कराया। पखवाड़ेभर तक चलने वाले इस आयोजन की चर्चा देश- विदेश तक होती है। इसमें देशभर के साधु-संतों आते हैं। हालांकि 2019 से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शासन आते ही, सरकार ने फिर से आयोजन को राजिम पुन्नी मेला नाम दे दिया।

पिता का नाम:- रामजी अग्रवाल

जन्मतिथि:- 1 मई 1959

जन्म स्थान- रायपुर छतीसगढ़

विवाह की तिथि:- 2 जून 1986

पत्नी का नाम- सरिता देवी अग्रवाल

पत्नी की जन्मतिथि:- 21 फरवरी 1965

संतान- 2 पुत्र, 1 पुत्री

शैक्षणिक योग्यता:- एमकॉम, एमए, एलएलबी


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