बिरनपुर हिंसा: जिला कोर्ट ने 17 आरोपियों को किया दोषमुक्त, नहीं मिले सबूत, पढ़िए क्या है मामला, जिसने प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था
CG Court News: बिरनपुर हिंसा मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर जेल से रिहाई का आदेश जारी किया है।

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बेमेतरा। 18 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के गांव बिरनपुर में हिंसा हुई थी। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में ऐसा भूचाल मचाया कि बेमेतरा और कवर्धा जिले में कांग्रेसी राजनीतिक की चूलें हिला दीं थी। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। इस बहुचर्चित मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर जेल से रिहाई का आदेश जारी किया है।
जिला कोर्ट ने रहीम और बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए 17 लोगों को दोषमुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा और हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय बेमेतरा ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रहीम और बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए 17 लोगों को दोषमुक्त करने के साथ ही जेल से रिहाई का आदेश जारी किया है।
हिंसा और हत्याकांड के इस मामले की जिला कोर्ट में तकरीबन तीन साल तक चली सुनवाई चली,इसके बाद कोर्ट का फैसला आया है। बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में 8 अप्रैल 2023 को दो समुदायों के बीच हिंसा में 23 साल के भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। हिंसा के बाद 11 अप्रैल को शक्ति घाट इलाके में रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद पिता-पुत्र की लाश मिली थी। दोनों की हत्या के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा, आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके। इस केस में कुल 52 गवाहों के बयान लिए गए, लेकिन स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया।
हिंसा के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमाई थी
हिंसा और हत्याकांड के बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को भाजपा ने टिकट दिया। ईश्वर साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार के तत्कालीन मंत्री रविंद्र चौबे को पराजित कर राजनीतिक पंडितों से लेकर रणनीतिकारों को चौंका दिया था। हिंसा और हत्याकांड का असर चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीटों पर देखा गया। राजनादगांव और कवर्धा क्षेत्र की सीटों पर वोटों का ध्रुवीकरण भी तेजी के साथ हुआ था।
बिरनपुर फ्लैसबैक
8 अप्रैल 2023 के दिन दो गुटों में हुए झगड़े के बीच भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद मामले ने जमकर तूल पकड़ा। विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के प्रयास भी हुए। कथिततौर पर झगड़ा बच्चों की मारपीट से शुरू हुआ। बवाल इतना हुआ कि गांव में कुछ घर जला दिए गए। घटना के तीन दिन के बाद 11 अप्रैल को गांव के ही रहीम (55) और उसके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई थी। गांव में तो दो सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा।
भुनेश्वर की हत्या मामले में भी 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, भुनेश्वर की हत्या के मामले में रायपुर की CBI कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं रहीम और ईदुल मोहम्मद का जो मामला बेमेतरा के कोर्ट में चल रहा था, उस केस के 17 आरोपी दोष मुक्त हो गए हैं।
ये हुए दोषमुक्त
डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28 वर्ष) चेचानमेटा, बेमेतरा, मनीष वर्मा (23 वर्ष) खैरी, बेमेतरा, समारू नेताम (43 वर्ष) कोरवाय, बेमेतरा, पूरन पटेल (19 वर्ष) पदमी, बेमेतरा, राजकुमार निषाद (19 वर्ष) पदमी, बेमेतरा, भोला निषाद (23 वर्ष) पदमी, बेमेतर,
दूधनाथ साहू (27 वर्ष) छुईखदान-गंडई पेंडरवानी, खैरागढ़-, अरुण रजक (18 वर्ष) छुईखदान-गंडई पेंडरवानी, खैरागढ़,चंदन साहू (20 वर्ष) कोरवाय, बेमेतरा, होमेन्द्र नेताम (25 वर्ष) कोरवाय, बेमेतरा,
टाकेन्द्र साहू (22 वर्ष) कोगियाखुर्द, बेमेतरा, राम निषाद (19 वर्ष) कोगियाखुर्द, बेमेतरा,संजय कुमार साहू (25 वर्ष) मासुलगोदी, बेमेतरा, चिंताराम साहू (68 वर्ष) कोरवाय, बेमेतरा, लोकेश साहू (23 वर्ष) कोगियाखुर्द, बेमेतरा, वरूण साहू (18 वर्ष 3 माह) कोगियाखुर्द, बेमेतरा, राजेश साहू (23 वर्ष) मासुलगोदी, बेमेतरा।
