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Indian Railway Biggest Accidents: फिर हरा हुआ रेल हादसों का नासूर! बिलासपुर हादसे से कांपा देश, याद आ गई सबसे बड़ी रेल दुर्घटनाएँ, जानिए भारत के टॉप 5 सबसे बड़े रेल हादसे?

Bilaspur Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी की टक्कर में अंतिम सुचना तक 5 की मौत, 15 घायल है। यह हादसा भारतीय रेलवे के उन दर्दनाक हादसों की याद दिलाता...

Indian Railway Biggest Accidents: फिर हरा हुआ रेल हादसों नासूर! बिलासपुर हादसे से कांपा देश, याद आ गई सबसे बड़ी रेल दुर्घटनाएँ, जानिए भारत के टॉप 5 सबसे बड़े रेल हादसे?
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By Ragib Asim

Indian Railway Biggest Accidents: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। कोरबा पैसेंजर ट्रेन खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई जिसमें अब तक खबर तक 5 लोगों की मौत और 15 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है। हादसा गटौरा स्टेशन के लाल खदान के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जिसमें कई यात्री फंस गए।

रेलवे और प्रशासन की टीमें मौके पर जुटी हैं। गैस कटर से बोगी काटकर यात्रियों को बाहर निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि अंदर महिलाएं और बच्चे फंसे हुए हैं। रेस्क्यू में NDRF, SDRF और रेलवे की आपदा यूनिट लगी हुई हैं।
रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 5 लाख, और सामान्य घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। हादसे के बाद पूरे रूट पर ट्रेनों का संचालन ठप कर दिया गया है और कई एक्सप्रेस ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है।
कौन जिम्मेदार: मानव भूल या सिग्नल फेलियर?
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सिग्नलिंग गड़बड़ी या मानवीय भूल इस हादसे की वजह हो सकती है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक कोरबा पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी मिली थी जबकि मालगाड़ी उसी ट्रैक पर खड़ी थी। हादसे की जांच के आदेश ज़ोनल रेलवे मुख्यालय ने जारी कर दिए हैं।
भारत में रेल हादसों का दर्दनाक इतिहास
भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, लेकिन इसके इतिहास में कई ऐसे हादसे दर्ज हैं जिन्होंने देश को हिला दिया। बिलासपुर की यह घटना फिर उन भयावह क्षणों की याद दिलाती है जब एक गलती ने सैकड़ों जिंदगियां निगल लीं।
1. बिहार रेल हादसा (1981): सबसे भयावह त्रासदी
6 जून 1981 को बिहार में एक भीड़भाड़ वाली पैसेंजर ट्रेन बागमती नदी पर बने पुल से गुजर रही थी, तभी चक्रवात की वजह से यह पटरी से उतरकर नदी में गिर गई। 500 से 800 लोगों की मौत हुई। कई शव कभी बरामद नहीं हुए। यह आज भी भारत की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना मानी जाती है।
2. फिरोजाबाद रेल हादसा (1995): सिग्नल फेल और मानवीय भूल
20 अगस्त 1995 को यूपी के फिरोजाबाद में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने खड़ी कलिंदी एक्सप्रेस को टक्कर मारी। इसमें 350 यात्रियों की मौत हुई। जांच में पाया गया कि एक ड्राइवर ने गलत सिग्नल पढ़ा और ट्रैक क्लियर नहीं किया गया था।
3. गैसल ट्रेन हादसा (1999): दो एक्सप्रेस की आमने-सामने भिड़ंत
2 अगस्त 1999 को पश्चिम बंगाल के गैसल स्टेशन के पास ब्रह्मपुत्र मेल और अवध असम एक्सप्रेस आमने-सामने भिड़ गईं। इस हादसे में 285 लोगों की जान गई और 300 से अधिक घायल हुए। यह हादसा भी सिग्नलिंग सिस्टम फेलियर का नतीजा था।
4. राजधानी एक्सप्रेस हादसा (2002): नदी में गिर गई ट्रेन
सितंबर 2002 में कोलकाता से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस धावे नदी पुल के पास पटरी से उतर गई। कई डिब्बे नदी में गिरे, 120 लोगों की मौत हुई। बाद में शक जताया गया कि यह तोड़फोड़ का मामला हो सकता है लेकिन जांच स्पष्ट नहीं हुई।
5. ओडिशा बालासोर ट्रिपल ट्रेन हादसा (2023): आधुनिक युग की सबसे घातक दुर्घटना
2 जून 2023 को ओडिशा के बालासोर में तीन ट्रेनों कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट और एक मालगाड़ी की भीषण टक्कर हुई। 296 लोगों की मौत और 1200 से अधिक घायल हुए। यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी रेल त्रासदी थी जिसने रेलवे सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर किया।
बिलासपुर हादसा: सिस्टम की पुरानी बीमारी
इन सभी घटनाओं की तरह बिलासपुर हादसा भी वही पुरानी समस्या दोहरा रहा है....
सिग्नलिंग फेलियर
ट्रेन ऑपरेशन की मानवीय भूल
और रखरखाव में लापरवाही
रेलवे अधिकारियों की शिकायत कहना है कि भारत में ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम और ट्रैक मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी का विस्तार उतनी तेज़ी से नहीं हुआ।
रेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
रेल सुरक्षा हर बड़े हादसे के बाद चर्चा में आती है, लेकिन सुधार की रफ्तार धीमी रहती है।
“कवच” सिस्टम (anti-collision technology) अभी तक सभी रूटों पर लागू नहीं हुआ।
ट्रैक रिन्यूअल और सिग्नल अपग्रेडेशन की परियोजनाएं धीमी हैं।
और कई रेल जोन में स्टाफ की कमी और ओवरटाइम ड्यूटी से मानवीय त्रुटियां बढ़ रही हैं।
देश के लिए चेतावनी
बिलासपुर हादसा एक और चेतावनी है कि रेलवे सुरक्षा सिर्फ जांच और मुआवज़े तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हर दुर्घटना के बाद मानव भूल कहना आसान है, लेकिन असली समस्या सिस्टम में है सुरक्षा प्रोटोकॉल और टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण की कमी।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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