बिलासपुर से नहीं बढ़ेगी उड़ान, नहीं आ रही निजी विमानन कंपनी...जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा..

बिलासपुर से नहीं बढ़ेगी उड़ान, नहीं आ रही निजी विमानन कंपनी...जानें हाईकोर्ट ने क्या कहा..
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

Bilaspur High Court: लाख प्रयास के बाद भी बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है और न ही सरकारी कंपनी के अलावा दूसरी विमानन कंपनियों को मौका दिया जा रहा है। इस पर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है।

बिलासपुर। 7 अप्रैल 2026| बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से विमानों की उड़ानें बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है। साथ ही अभी केवल एक सरकारी कंपनी अलायंस एयर के भरोसे ही विमानों का संचालन हो रहा है। जबकि यह बात कई बार सामने आ चुकी है कि इंडिगो और दूसरी विमानन कंपनियों को मौका दिए जाने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। हवाई सेवा मामले में छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। इस दौरान हाई कोर्ट ने बिलासपुर एयरपोर्ट की कार्य प्रगति पर नया शपथ पत्र मांगा है। यह भी बातने को कहा है कि उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए अलायंस एयर के अलावा अन्य एयरलाइंस को बुलाने के बारे में क्या स्थिति है। सरकार को इसकी सारी जानकारी शपथ पत्र के जरिए देनी होगी। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने 17 अप्रैल की तिथि तय कर दी है।

हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बिलासा देवी एयरपोर्ट की हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने जनहित के मामले को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने बताया, सरकारी कंपनी अलायंस एयर उड़ान संचालित कर रही है, उसने किसी तकनीकी कमी के कारण अभी रात को उड़ान संचालित करने की सहमति नहीं दी है। कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कहा, इस मसले पर बातचीत जारी है और इसे शीघ्र ही हल किया जाएगा। डिवीजन बेंच ने इस मामले को भी शपथ पत्र में शामिल करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित अपर सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया, सेना के अधिकारियों की टीम बिलासपुर में है और वह जमीन ट्रांसफर की औपचारिकता पूरी कर रही है।

जमीन मिल गई, अब काम पर निगाह

एयरपोर्ट के लिए चकरभाठा में सेना से 290 एकड़ जमीन विधिवत वापस मिल गई है। सैन्य अफसरों की मौजूदगी में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को जमीन का विधिवत हस्तांतरण कर दिया गया। इसके बाद अब एयरपोर्ट को 4 सी श्रेणी में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। जमीन मिलने के बाद एयरपोर्ट को फंड की जरुरत है। वर्तमान बजट में सरकार ने एक भी पैसा नहीं दिया है। भारतीय सेना और रक्षा संपदा कार्यालय (डीईओ) जबलपुर के अधिकारियों द्वारा 290.8 एकड़ भूमि का औपचारिक हस्तांतरण जिला प्रशासन को किया गया। भूमि हस्तांतरण के दौरान सैन्य अधिकारियों एवं डीईओ जबलपुर के प्रतिनिधियों ने स्वामित्व संबंधी आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर भूमि को प्रशासन को सौंपा। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ अब एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध कुल भूमि 646.8 एकड़ हो गई है, जो इसके व्यापक विस्तार के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।

रनवे का हो सकेगा विस्तार

सेना से इस अतिरिक्त भूमि के मिलने से रनवे विस्तार और एयरपोर्ट को 4 सी श्रेणी में अपग्रेड करने की दिशा में आ रही तकनीकी अड़चनें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। 4 सी श्रेणी का उन्नयन होने से बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी, जिससे बिलासपुर को देश के प्रमुख शहरों के साथ बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। नया टर्मिनल भवन और एटीसी बनाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपयों की आवश्यकता है।

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