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डिप्टी कलेक्टर ट्रांसफर: जिस डिप्टी कलेक्टर ने तहसीलदार रहते ज़मीनों का किया खेला, ACB का छापा पड़ा, फिर उसी जिले में ट्रांसफर, देखें आदेश

Dupty Collecter Transfer: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के तत्कालीन तहसीलदार नारायण प्रसाद गबेल अपने कार्यकाल के दौरान काफी चर्चित रहे। जमीनों का लंबा खेला किया और आखिरकार उनके ठिकानों पर एसीबी का छापा पड़ा। कार्यकाल के दौरान विवादित रहे गबेल का राज्य सरकार ने तबादला कर दिया था। तकरीबन डेढ़ साल बाद एक बार फिर बिलासपुर जिला मुख्यालय में बतौर डिप्टी कलेक्टर उनका तबादला किया गया है।

Punjab IAS PCS Transfer
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Punjab IAS PCS Transfer

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर।27 फरवरी 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर के तत्कालीन तहसीलदार नारायण प्रसाद गबेल अपने कार्यकाल के दौरान काफी चर्चित रहे। जमीनों का लंबा खेला किया और आखिरकार उनके ठिकानों पर एसीबी का छापा पड़ा। कार्यकाल के दौरान विवादित रहे गबेल का राज्य सरकार ने तबादला कर दिया था। तकरीबन डेढ़ साल बाद एक बार फिर बिलासपुर जिला मुख्यालय में बतौर डिप्टी कलेक्टर उनका तबादला किया गया है। जारी तबादला आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारे से लेकर आम लोगाें के बीच चर्चा का बाजार सरगर्म है और लोग अटकलें लगा रहे हैं कि गजब की सेटिंग और पहुंच के दम पर एक बार फिर जिला मुख्यालय पहुंच गए हैं जहां जमीनों का लंबा खेला चला था।

सामान्य प्रशसन विभाग के उप सचिव क्लेमेंटीना ने एक आदेश जारी कर डिप्टी कलेक्टर के पद पर जिला बिलासपुर में पदस्थ कर दिया है। स्थानांतरण आदेश की खास बात ये कि, जारी आदेश में उन्हें एक तरफा रिलीव भी कर दिया गया है। मतलब साफ है, सरकार ने अपनी तरफ से गबेल को पूरी तरह उपकृत कर दिया है। अब वे जब चाहें बिलासपुर पहुंचकर कलेक्टर के निर्देश पर ज्वाइनिंग कर सकते हैं। डिप्टी कलेक्टर के पद पर बिलासपुर जिले में तबादला के साथ ही उनके पुराने कार्यकाल की चर्चा भी शुरू हो गई है। तहसीलदार रहते जिस तरह जमीनों का खेला हुआ, वह किसी से छिपा हुआ भी नहीं है। एसीबी का छापा और कार्रवाई को लेकर भी अब चर्चा शुरू हो गई है।

देखें आदेश



पुराने चर्चित मामले

80 साल की मंगतीन बाई का मामला और उसका दर्द किसी से तब छिपा हुआ नहीं था। उस दौर में वह बीते तीन साल से हफ्ते में दो दिन तहसील कार्यालय का चक्कर काटती थी। अपनी खोई हुई जमीन को वापस दिलाने की मांग गुहार लगाती थी। अफसर उन्हें हर बार यह कहकर चलता कर देते हैं कि मामला निरस्त हो चुका है। प्रकरण के नाम पर उसका यहां कुछ नहीं बचा है। इसी मामले में तहसीलदार ने पुलिस को चिट्ठी तक लिख दी थी। लिखा दिया था, वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। और उसकी उम्र को देखकर इलाज कराने की जरूरत है।

यह चिट्ठी किसी और ने नहीं, प्रभारी तहसीलदार नारायण गबेल ने यह पत्र लिखा था, सिविल लाइन और सरकंडा थाने में। थाने को लिखी चिट्ठी के साथ ही राजस्व अधिकारियों ने यह भी तय कर दिया, मंगतीन के जमीन मामले में वर्ष 2015 को ही सारा मामला खारिज हो चुका है। तब भी मंगतीन बाई यही कहती रही, कि उसकी जमीन तहसीलदारों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। वह ना ही पागल है और ना उसे दूसरी कोई परेशानी है। स्वास्थ्य के तौर पर वह बिल्कुल ठीक है और अधिकारी उसकी परेशानी को समझने के बजाय तहसील से भगाने में ध्यान दे रहे हैं। उसने मामले की शिकायत कलेक्टर तक की हुई है। फिर भी उसे न्याय नहीं मिला है। उसके मुताबिक चांटीडीह में उसकी जमीन थी। जिसे भू- माफिया और अधिकारियों ने मिलकर बेच दिया। इसी मामले में न्याय के लिए वह तहसील दफ्तर आकर इंसाफ मांगती थी। इसके अलावा और कोई दूसरी बात नहीं है।

यह था पूरा मामला

मंगतीन बाई ने वर्ष 2015 में चांटीडीह स्थित खसरा नंबर 214/10, 214/5, 214/9 की जमीन को अपने पूर्वजों का बताकर खुद के नाम पर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का दावा किया था। तहसीलदार की चिट्ठी के अनुसार वह इस जमीन पर दावे के अनुरूर साक्ष्य दे पाने में असफल रही। इसके कारण ही तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार ने मामले को खारिज कर दिया था। और तब से वह तहसील में आकर जमीन की मांग करती है।

सूरज सिंह यादव ने हाई कोर्ट में दायर की थी क्रिमिनल रिट पिटिशन

करीब पांच साल पहले बिलासपुर के तत्कालीन तहसीलदार नारायण गबेल पर आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में एसीबी ने 24 जून 2021 को एफआईआर दर्ज की थी। बिलासपुर सरकंडा निवासी शिकायतकर्ता सूरज सिंह यादव ने 2 साल बीतने के बाद भी अभियोजन की कार्यवाही नहीं करने के कारण हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटिशन लगाई। चीफ जस्टिस और जस्टिस रजनी दुबे की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई में शासन के वकील ने कहा कि इस मामले में जांच शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी और अभियोजन के लिए आधिकारिक मंजूरी देने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखे जाएंगे।

बिलासपुर के एक चर्चित पटवारी के रिश्तेदार ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पटवारी के खिलाफ भी रिश्तेदारों के नाम से चल अचल संपत्ति खरीदने समेत कई गड़बड़ियों की शिकायतें आती रहती हैं। मामले की सुनवाई के बाद डिप्टी कलेक्टर नारायण गबेल के खिलाफ एसीबी में दर्ज मामले पर चल रही जांच को 3 सप्ताह में खत्म करने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया था। इसके अलावा 4 सप्ताह में अभियोजन की मंजूरी देने सक्षम अधिकारी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी कोर्ट ने दिया था।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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