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Bilaspur Highcourt News: डायरिया के प्रकोप पर हाई कोर्ट कर रहा स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई, राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

Bilaspur Highcourt News: जांजगीर जिले में डायरिया के 78 मरीज मिले थे। हाई कोर्ट ने इसे स्वतः संज्ञान लेकर पीआईएल के रूप में सुनवाई कर रहा है। पीआईएल की सुनवाई के दाैरान डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र देने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य सचिव ने अपने शपथ पत्र में बताया है, राज्य सरकार द्वारा समय पर कदम उठाया गया और विभिन्न उपाय किए गए जिसके चलते अब स्थिति नियंत्रण में है। कोर्ट ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतोष जताते हुए कहा, अभी मॉनिटरिंग की जाए और स्थिति पर नजर रखी जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की है।

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By Radhakishan Sharma

Bilaspur Highcourt News: बिलासपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने जांजगीर-चांपा जिले के खरौद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में डायरिया के प्रकोप की मीडिया रिपोर्ट को स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। डायरिया प्रभावित ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर संतोष जताया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि सरकार ने समय पर कदम उठाए और हालात अब नियंत्रण में हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2025 को होगी।

जुलाई 2025 में खरौद गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषित पानी पीने से डायरिया फैला, जिससे 23 से ज्यादा मामले सामने आए। बाद में अलग-अलग ब्लाकों में कुल मिलाकर 78 मरीज मिले थे। इस पर कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।

सरकार ने दिया यह जवाब

स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, सभी प्रदूषित पानी के स्रोतों को सील कर दिया गया है। हैंडपंप और अन्य जलस्रोतों में क्लोरीनेशन और डिसइन्फेक्शन कराया गया। गांव-गांव जाकर स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष अभियान चलाया गया। लोगों को उबला पानी पीने, हाथ धोने, खुले में शौच न करने और ताजा भोजन खाने की हिदायत दी गई। 5 मरीजों के स्टूल सैंपल की जांच की गई, जो कालरा के लिए निगेटिव पाए गए। जिले और ब्लाक स्तर पर रेपिड रिस्पान्स टीम बनाई गई है। सभी मेडिकल कालेज और जिला अस्पतालों में संक्रमण की जांच की सुविधा सुनिश्चित की गई है। दवाइयों की अग्रिम व्यवस्था की गई है और लगातार मानिटरिंग की जा रही है।

डिवीजन बेंच ने यह कहा

डिवीजन बेंच ने माना कि सरकार ने तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की है। संदिग्ध मरीजों में अब डायरिया के लक्षण नहीं हैं। कालरा संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पहले लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों को अब हटाया जा चुका है, क्योंकि स्थिति नियंत्रण में है। कोर्ट ने कहा कि मामला अभी मानिटरिंग के अधीन रहेगा। अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2025 को होगी, ताकि स्थिति पर और नजर रखी जा सके।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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